नैनी जेल से सोमवार सुबह कचहरी में पेशी के लिए लाए जा रहे तीन बंदी जगराम चौराहे के पास प्रिजन वैन के जाम में फंसने पर कुंडी तोड़कर भाग निकले। हालांकि एक बंदी बाद में लौट आया। यह सब तब हुआ जब सुरक्षा में लगे सिपाही और दरोगा प्रिजन वैन से उतरकर जाम खुलवा रहे थे। भागने वाला संतोष हत्या व लूट और मोहम्मद वसीम लूट के आरोप में जेल में बंद था। सूचना पाकर कई थानों की फोर्स के साथ पुलिस अफसर भी पहुंचे। भागे बंदियों की तलाश में घेरेबंदी की गई पर देररात तक वे हाथ नहीं लगे। इस मामले में ट्रेनी दरोगा और तीन सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।
नैनी जेल से सोमवार सुबह एसआई भूपेंद्र कुमार सिंह, सिपाही उमेश चंद्र राय, सुजीत यादव, अनिल कुमार और ड्राइवर रमेश दीक्षित 24 बंदियों को प्रिजन वैन में लेकर कचहरी में पेशी के लिए चले। सुबह करीब 11.30 बजे प्रिजन वैन जगराम चौराहे पर पहुंची तो जाम लगा हुआ था। वैन में पीछे बैठे सिपाही उतरकर जाम खुलवाने लगे। इसी दौरान बंदियों ने वैन के गेट को जोर से धक्का दिया जिससे दरवाजे की कुंडी खुल गई।
दरवाजा खुलते ही बंदी संतोष सिंह, मोहम्मद वसीम और अनिल कर्मा वैन से कूदकर भागने लगे। बंदियों को भागते देख चौराहे पर खलबली मच गई। पुलिसकर्मी बंदियों के पीछे भागे। कुछ दूर जाने के बाद अनिल कर्मा तो लौट आया लेकिन संतोष सिंह और मो.वसीम भाग निकले। सूचना पाकर सीओ कर्नलगंज वीरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर कर्नलगंज सिद्घार्थ गौतम, एसओ शिवकुटी और जार्जटाउन भी मौके पर आ गए।
बंदियों की तलाश में सभी थानों को अलर्ट कर दिया। पूछताछ के बाद भागे बंदियों के खिलाफ कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। साथ ही ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले एसआई भूपेंद्र सिंह, सिपाही उमेश चंद्र राय, सुजीत यादव, अनिल कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। सीओ कर्नलगंज वीरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रिजन की कुंडी तोड़कर तीन बंदी भागे थे। एक वापस आ गया। भागे बंदियों के खिलाफ कर्नलगंज थाने में मुकदमा लिखकर उनकी तलाश की जा रही है।
बालसन चौराहे के पास से अप्रैल 2013 में दस बंदी प्रिजन वैन से कूदकर फरार हो गए थे। इस मामले में पुलिस की घोर लापरवाही सामने आई थी। पता चला था कि जिस दरोगा की बंदियों को लाने में ड्यूटी लगी थी। वह गए ही नहीं थे। जिसके चलते वैन में पीछे कोई सिपाही बैठा नहीं था। बंदी कुंडी तोड़कर एक-एक कर भाग निकले। जिसमें से आठ बंदियों को पुलिस ने अब तक गिरफ्तार कर लिया है लेकिन जय प्रकाश उर्फ अट्ठा, अतुल अभी भी फरार चल रहे हैं।