ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में ट्रेेन यात्रियों को सड़े समोसे बेचने वाले गिरोह के पांच लोगों को रेलवे पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार सुबह प्लेटफार्म पर ट्रेन आने पर यात्रियों को समोसे बेचते समय इन पांच लोगों को दबोचा। पुलिस ने कई किलो खराब आलू और मैदा भी जब्त किया है। वे रेलवे से बिना लाइसेंस लिए स्टालों में भी खराब समोसा बेच रहे थे। स्टाल धारकों के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए रेलवे प्रशासन को जीआरपी ने पत्र भेज दिया है।
जीआरपी थाना प्रभारी मनोज सिंह को पता चला कि जंक्शन के प्लेटफार्म पर अवैध वेंडरों का गिरोह बेहद खराब समोसे बेचने में लिप्त है। वे सड़े समोसे भी यात्रियों को बेच देते हैं। ट्रेन में होने की वजह से यात्री उनकी शिकायत भी नहीं कर पाते। बड़ी बात यह कि गिरोह के लोग गुपचुप ढंग से रेलवे स्टेशन के सिटी और सिविल लाइंस साइड में बेस किचन बनाकर सड़े आलू और मैदा से समोसे तैयार करते हैं। फिर वे समोसे स्टालों पर सप्लाई करने के अलावा ट्रेन आने पर बोगियों में घुसकर यात्रियों को भी बेचते हैं।
सड़े माल से तैयार समोसा खाकर यात्रियों की हालत बिगड़ती है फूड प्वायजनिंग का खतरा रहता है लेकिन जबरदस्त मुनाफा के चक्कर में इस गिरोह के लोग यात्रियों की जान खतरे में डाल रहे हैं। रविवार दोपहर ट्रेन आने पर उपनिरीक्षक कैलाशपति सिंह ने सिपाहियों अतुल सिंह, विनोद मौर्या, अरविंद के साथ घेराबंदी कर समोसे बेच रहे पांच लोगों को पकड़ लिए। समोसे वास्तव में बेहद खराब थे। जांच के लिए नमूने रखकर बाकी समोसे जीआरपी ने नष्ट कर दिए। पकड़े गए लोगों में चित्रकूट में मऊ के बरिया गांव निवासी फूलचंद्र अग्रहरि, राजाराम, रमेशचंद्र लोधी, देव नारायण, शंकरलाल शामिल है। उनके खिलाफ जीआरपी ने केस दर्ज किया गया। इन लोगों से समोसे लेने वाले स्टाल धारकों पर कार्रवाई के लिए रेलवे कमर्शियल विभाग को पत्र भेज दिया गया है।