व्यापार मंडल अध्यक्ष नैनी सुभाषचंद्र केसरवानी के मकान में मंगलवार सुबह उनका पूर्व व्यापारिक साझेदार तमंचा लेकर घुस गया। उसने व्यापारी की बहू को तमंचा सटाकर लूटपाट की कोशिश की। विरोध करने पर तमंचा से फायर कर दिया। गनीमत रही कि गोली मिस हो गई। शोर सुनकर व्यापारी और उनके बेटे समेत कई लोगों ने आकर हमलावर युवक को दबोच लिया। वह एक बैग में सात बम भी लेकर आया था। बम निरोधक दस्ते ने जांच की तो पता चला कि बम के गोलों में बारूद की जगह मिट्टी भरी थी। पूछताछ में आरोपी व्यक्ति ने कुबूला कि उसने खुन्नस में ऐसा किया।
सुभाषचंद्र केसरवानी नैनी व्यापार मंडल अध्यक्ष तथा सपा के जिला उपाध्यक्ष भी हैं। नैनी के मेवालाल बगिया तिराहे पर मकान में ही उनकी फर्नीचर की दुकान है। बेटा सोनू भी दुकान में रहता है। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे सुभाष नहाने जा रहे थे। बेटा सोनू दुकान की सफाई के बाद बगल में रामजी ट्रैवेल्स में बैठकर बात कर रहा था। तभी एक व्यक्ति मकान के पहले तल पर पहुंचा और सोनू की पत्नी सपना को तमंचा सटाकर आलमारी से पैसे और गहने निकालने को कहा।
सपना ने शोर मचाया तो उसने तमंचा से फायर कर दिया हालांकि गोली मिस हो गई। बहू सपना की चीख सुनकर सुभाष राइफल लेकर पहुंचे और बदमाश पर बट से हमला कर दिया। तभी उनका बेटा सोनू भी कई लोगों के साथ आ गया। उन्होंने बदमाश को दबोचकर तमंचा छीन लिया। उसकी जमकर पिटाई कर दी गई। नीचे दुकान के पास एक बैग मिला जिसमें देशी बम जैसे सात गोले, फेशवॉश, नमकीन का पैकेट था। कुछ देर में नैनी थाने की पुलिस पहुंची। पुलिस ने आरोपी व्यक्ति को हिरासत में लेकर बैग तथा तमंचा कब्जे में लिया।
बम निरोधक दस्ते ने आकर बैग में मिले गोलों की जांच की तो पता चला कि उनमें बारूद की जगह मिट्टी भरी थी। पकड़े गए व्यक्ति के बारे में पता चला कि वह नैनी एडीए कॉलोनी में रहने वाला संजय मिश्रा है। संजय ने पुलिस को बताया कि वह कुछ अरसा पहले सुभाष के साथ साझे में सेसा आयल की एजेंसी चलाता था। बाद में सुभाष ने फर्नीचर की दुकान खोलने के लिए उसकी एजेंसी हटवा दी। पैसों का भी घालमेल किया। इसी नाराजगी और बौखलाहट में उसने सुभाष की बहू को धमकाकर लूटपाट की कोशिश की। पुलिस ने मुकदमा लिखकर आरोपी संजय को जेल भेज दिया। उसकी पैरवी के लिए आए एक वकील समेत दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।