जगतपुर। उतरांव इलाके के आरा खुर्द गांव में बृहस्पतिवार दोपहर झगड़े के दौरान तीन सगे भाइयों को गोली मार दी गई। उन तीनों ने अपने चाचा और चचेरे भाइयों पर हमले का आरोप लगाया है। कुछ लोगों ने फायरिंग कर रहे चाचा से बंदूक छीन ली। खबर पाकर पुलिस बल के पहुंचने तक में सभी आरोपी भाग गए। पुलिस ने छीनी गई बंदूक के अलावा कारतूसों के खोखे जब्त किए। घायलों को अस्पताल भेजकर पुलिस ने रिपोर्ट लिखी।
आरा खुर्द गांव निवासी असलम के पक्के मकान के बगल में दीवार से सटी मेड़ है। बृहस्पतिवार दोपहर असलम के चचेरे भाई जैनुल आब्दीन उर्फ आशू ने ट्रैक्टर से मेड़ तोड़ दिया। विरोध पर झगड़ा होने लगा। जैनुल ने घर जाकर बताया तो उसका पिता अमजद अली बेटों आलम उर्फ चमन, सद्दाम, इंतजार आलम के साथ बंदूक-तमंचे लेकर पहुंच गया। असलम का आरोप है कि चाचा अमजद ने उस पर बंदूक से फायर किया मगर तब वह बच गया। फिर उसके भाई नूरी इस्लाम पर गोली चलाई हालांकि वह भी साफ बच गया।
गोलियों की आवाज सुनकर उसके बड़े भाई कमरूल इस्लाम आए तो उन्हें गोली मार दी। फिर असलम के साथ ही उसके कोटेदार भाई पवेज को भी गोलियां का निशाना बनाया गया। कमरूल के हाथ और असलम तथा परवेज के सीने के पास छर्रे धंसे। वहां भीड़ लगी तो कुछ लोगों ने अमजद को पकड़कर उसके हाथ से बंदूक छीन ली। विरोध पर उसके सिर पर ईंट से प्रहार भी किया। इसी बीच खबर पाकर उतरांव थाने की पुलिस फोर्स के साथ सीओ हंडिया भी पहुंच गए। मगर तब तक अमजद अपने बेटों के साथ भाग गया था। पुलिस ने उस बंदूक को जब्त कर लिया जिसे लोगों ने अमजद से छीना था। मौके पर पुलिस को कई कारतूसों के खोखे भी मिले।
घटना के बाद अमजद के पुत्र जैनुल ने ट्रैक्टर गांव में ही अपने रिश्तेदार के घर खड़ी कर दी थी जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया। घायल असलम के बड़े भाई नूरी इस्लाम की ओर से चाचा अमजद और उसके चार पुत्रों के खिलाफ उतरांव थाने में हत्या की कोशिश का मुकदमा लिखा गया। पुलिस ने बताया कि अमजद रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी है। जब्त बंदूक उसके पुत्र आलम के नाम है। अमजद पर 1998 में भी कत्ल का केस लिखा गया था लेकिन बाद में दोनों पक्षों के बीच सुलह हो गई थी। ताजी घटना के बाद रिपोर्ट लिख आरोपियों की तलाश की जा रही है।