फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अतीक के करीबी भूमाफिया के दो बेटों समेत तीन गिरफ्तार

Fri, 09 Feb 2018 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
अलग-अलग मामलों में बृहस्पतिवार को पूर्व सांसद अतीक अहमद के करीबी भूमाफिया के दो बेटों समेत तीन लोग गिरफ्तार कर लिए गए। इनमें से एक मामला हेराफेरी कर करोड़ों की सरकारी जमीन कब्जा करने और दूसरा मामला विधायक रहे राजूपाल हत्याकांड के गवाह को धमकाने से जुड़ा है। पकड़े गए लोगों में से एक दोनों मामलों में आरोपी है।
विज्ञापन


एसपी सिटी सिद्धार्थ सिंह मीणा ने बताया कि कर्नलगंज थाने में जमीन कब्जाने के मामले में पिछले महीने पूर्व सांसद अतीक अहमद के करीबी भूमाफिया रफीक उर्फगुलफुल और उसके बेटे वदूद अहमद (दोनों निवासी सिलना थाना धूमनगंज) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। मुखबिर की सूचना पर झलवा स्थित विष्णु भगवान पब्लिक स्कूल के सामने से बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे वदूद को गिरफ्तार कर लिया गया। सीओ सिविल लाइंस श्रीश्चंद्र ने बताया कि शातिर अपराधी वदूद का काम हेराफेरी कर जमीनों को कब्जा कर बेचना है। धूमनगंज स्थित जलालपुर, बजहा बांव में भी करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर इसने हेराफेरी कर कब्जा जमा लिया। जांच में पता चला कि उसने यह पूरा खेल लेखपाल राजकुमार सागर की मदद से खेला गया, जो मौजूदा समय में निलंबित है। सीओ ने बताया कि इस मामले में रफीक और लेखपाल की तलाश की जा रही है।

वदूद अहमद राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल को धमकाने के मामले में भी नामजद है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को इस मामले केभी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें वदूद का सगा भाई आबिद अली और अतीक अहमद पुत्र महफूज अहमद निवासी भीटी थाना धूमनंगज शामिल हैं। एसपी सिटी सिद्धार्थ सिंह मीणा ने बताया कि कृष्ण कुमार उर्फउमेश पाल राजू पाल हत्याकांड के गवाह हैं। 27 जनवरी 2017 को उन्होंने कर्नलगंज थाने में उन्होंने धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में उन्होंने पूर्व सांसद अतीक अहमद, अशरफ, रफीक उर्फगुलफुल के अलावा वदूद अहमद समेत 24 लोगों को नामजद करते हुए कुल 49 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई। गिरफ्तार आबिद और अतीक का नाम विवेचना केदौरान सामने आया था। पुलिस को रफीक उर्फगुलफुल की इस मामले में भी तलाश है। आबिद और वदूद केशस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति भी की गई है।
विज्ञापन


पुलिस की मानें तो सरकारी जमीन पर कब्जा करने के लिए वदूद ने कागजों में धर्म तक बदल लिया। लेखपाल की मदद से अभिलेखों में हेराफेरी कर वूदद अहमद की जगह दलित वदूद लाल बनकर उसने सरकारी जमीनों पर न सिर्फ कब्जा किया, बल्कि उन्हें बेच भी दिया।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें