थरवई के भोपतपुर गांव से रविवार शाम को निकलने के बाद लापता आफताब आलम (23) का शव सुबह बेलवा गांव के सूखे तालाब में मिला। पास में ही बाइक भी पड़ी थी। उसे गला घोंटकर मारा गया था। खबर पाकर मां समेत रिश्तेदार वहां आए तो पुलिस ने विरोध के बीच शव को सीलकर चीरघर भेजा। देर रात तक कातिलों का सुराग नहीं लग सका था अलबत्ता यह शक जताया गया कि जुआ खेलते वक्त हुए झगड़े में उसे मार डाला गया था।
थरवई क्षेत्र के भोपतपुर गांव में रहने वाला आफताब आलम उर्फ सोनू (23) रविवार शाम बाइक पर घर से निकला तो देर रात तक नहीं लौटा। परिजनों ने खोजबीन की लेकिन उसके बारे में कुछ भी पता नहीं चल सका। सोमवार सुबह जानकारी मिली कि थरवई में बेलवा गांव के सूखे तालाब में एक युवक की लाश और बाइक पड़ी है। मां रुखसाना कुछ लोगों के साथ वहां पहुंची तो आफताब का शव देख रोने-कलपने लगी। इकलौते बेटे के गम में वह बेसुध हो गई। साथ मौजूद लोगों ने उसे किसी तरह संभाला। पति अयूब की मौत होने के बाद बेटा ही उसका सहारा था। पुलिस को आफताब के गले पर कसाव के निशान दिखे। ऐसे में शक है कि उसे गला घोंटकर मारा गया था। पुलिस मौके पर निरीक्षण के बाद शव को सीलकर पोस्टमार्टम हाउस भेजने लगी तो लोगों ने विरोध कर दिया और कहा कि घटना की उच्चस्तरीय जांच और गिरफ्तारी के बाद ही शव उठाया जा सकता है।
थरवई पुलिस ने मौके पर फोरेसिंंक टीम और डॉग स्कवायड को बुलाया। खोजी कुत्ता आसपास खेतों और झाड़ियों में भटकता रहा। ऐसे में पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल सका। परिजनों को मनाकर पुलिस ने आफताब का शव चीरघर भेज दिया। चर्चा रही कि कत्ल वाले स्थान पर रोज ही जुआरियों का जमघट लगता है। ऐसे में आशंका है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि जुआ खेलने के दौरान झगडे़ में उसका कत्ल कर दिया गया हो। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है। थानाध्यक्ष थरवई उदयवीर सिंह ने बताया कि फिलहाल कातिलों का पता नहीं चल सका है। जुआ के पहलू पर भी जांच करते हुए जुआरियों का पता लगाया जा रहा है।
आफताब आलम उर्फ सोनू इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं, जिनमें एक बहन का ब्याह हो चुका है। साल भर पहले पिता का निधन होने के बाद वह मां रुखसाना के लिए सहारा था पर वह भी नहीं रहा। सोनू मर्चेंट नेवी की ट्रेनिंग कर चुका था मां को उम्मीद थी कि वह नेवी में जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका।