दलित किशोरी से गैंगरेप का वीडियो वायरल करने वाले तीन युवकों की पुलिस ने पहचान कर ली है। उनकी तलाश मे छापेमारी के दौरान पुलिस ने रविवार को दो लोगों को पकड़ लिया। वे आरोपी हैं या उनके घर-परिवार के लोग? यह पुलिस नहीं बता रही है। पुलिस को इस घटना में चार लोगों की तलाश है।
झूंसी इलाके की यह घटना 14 फरवरी की है। 14 साल की लड़की से खेत में रेप किया गया। मोबाइल फोन से इसकी वीडियो क्लिप भी बना ली गई। घटना के दो दिन बाद ही एक युवक ने यह वीडियो क्लिप फेसबुक पर अपलोड कर दिया। बात फैली तो लड़की के घरवालों को पता चला। उसने आपबीती सुनाई तो पिता की शिकायत पर रंजीत पांसी, मंगल पासी को नामजद करते हुए तीन अज्ञात लोगों पर केस लिखा गया। पुलिस ने मंगल पासी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जबकि रंजीत नहीं मिला। जांच में वीडियो अपलोड करने में विवेक, लवकुश और ननचू का नाम सामने आया। मगर वे भी नहीं पकड में आ सके हैं। पुलिस ने दबिश देकर दो लोगों को हिरासत में लिया है। इंसपेक्टर सुरेंद्रनाथ ने बताया कि उस कंप्यूटर को बरामद कर लिया गया है जिससे वीडियो क्लिप फेसबुक पर अपलोड किया गया था।
किशोरी से गैंगरेप मामले की जांच कर रही पुलिस ने दो से तीन युवकों को शक के आधार पर पिछले तीन दिनों से थाने में बैठा रखा था। उनमें से एक सर्वेश को रविवार को बेकसूर बताते हुए शांति भंग में चालान कर दिया। पुलिस का कहना है कि वह घटना में सीधे तौर पर नहीं शामिल है।
किशोरी से रेप का वीडियो फेसबुक के साथ ही वाट्सअप पर भी वायरल हो गया है। झूंसी इलाके से लेकर शहर तक यह वीजियो फैल गया है। हालांकि वीडियो में लड़की के साथ एक ही युवक दिखा है जबकि दूसरा मोबाइल पर वीडियो बना रहा है। वीडियो वायरल होने से पुलिस का सिरदर्द और बढ़ गया है।