इलाहाबाद। धूमनगंज के अबूबकरपुर मोहल्ले मेें मंगलवार सुबह एजी ऑफिस में एकाउंटेंट की पत्नी ने घरेलू कलह में आत्मदाह कर लिया। घर के पहली मंजिल के कमरे से चीख-पुकार और आग की लपटें देखकर घरवाले और मोहल्ले के दौड़े। आग बुझाकर झुलसी महिला को लेकर परिजन एसआरएन अस्पताल लाए लेकिन कुछ देर मेें ही उसने दम तोड़ दिया। धूमनगंज पुलिस के मुताबिक घरेलू कलह में महिला ने ऐसा कदम उठाया है।
अबूबकरपुर मोहल्ले के संदीप कुमार एजी ऑफिस में एकाउंटेंट हैं। उनकी 2000 में नैनी की शिल्पी के साथ शादी हुई थी। उनके दो बच्चे सुबोधजीत (5) और ननिता (8) हैं। वह घर की पहली मंजिल पर रहते हैं। नीचे ग्राउंड फ्लोर पर उनका छोटा भाई रंजीत कुमार परिवार के साथ रहता है। सुबह संदीप लगभग साढ़े नौ बजे ऑफिस और बच्चे स्कूल चले गए। इसी बीच शिल्पी ने अपने कमरे में आग लगा ली। शिल्पी की चीख-पुकार सुनकर नीचे मौजूद परिवार के लोग और पड़ोसी दौड़े। शिल्पी को लपटों में घिरा देख लोग सन्न रह गए।
किसी तरह आग बुझाई लेकिन तब तक शिल्पी गंभीर रूप से झुलस चुकी थी। उसकी सांस चल रही थी। आनन-फानन में परिजन शिल्पी को लेकर एसआरएन अस्पताल भागे। वहां इलाज शुरू होने के लगभग बीस मिनट बाद शिल्पी ने दम तोड़ दिया। शिल्पी के मौत की खबर सुनकर पति संदीप अस्पताल पहुंचे। शिल्पी की मौत से पति और बच्चे रो-रोकर बेहाल थे। सूचना पाकर शिल्पी के मायकेवाले भी आ गए। सीओ सिविल लाइंस सहायक पुलिस अधीक्षक सचींद्र पटेल ने बताया कि घरेलू कलह में महिला के ऐसा कदम उठाने की बात सामने आई है। किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।