फ्लाइट की क्रू मेंबर मुस्लिम दंपति को लेकर असहज थीं।
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जल निगम के सेक्शन अफसर अब्दुल सलीम फरीदी से दस लाख रुपये फिरौती वसूलने के बाद गिरोह में शामिल संदीप सिंह तथा उसकी प्रेमिका नूतन उर्फ नीतू की हत्या कर भाग रहे सरगना इमरान को साथी अशोक जितेश कोर्वे को एयरपोर्ट के निदेशक की सूझबूझ से पकड़ने में कामयाबी मिली। मुंबई जा रही गो-एयर की फ्लाइट को तब रोका गया जब विमान रनवे पर 260 किमी की रफ्तार पकड़ चुका था। लोकल टीम ने तो विमान को रोकने से इंकार कर दिया था। इसके बाद निदेशक ने अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर विमान को रुकवाया।
बुधवार को अमौसी एयरपोर्ट पर गो एयर की मुंबई जा रही फ्लाइट (संख्या 392) में दो बदमाशों के मौजूद होने की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट निदेशक पीके श्रीवास्तव सक्रिय हो गए। उन्होंने बताया कि एसएसपी मंजिल सैनी ने फोन पर फ्लाइट में अपराधियों के होने की सूचना दी तो सबसे पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (एटीसी) से संपर्क किया, फिर एयरलाइंस की लोकल टीम से बातचीत की। लोकल टीम ने फ्लाइट रोकने में मजबूरी जता दी तो मुंबई में एयरलाइंस के उच्च अधिकारियों से सम्पर्क किया। जब उन्होंने भी फ्लाइट रोकने से इंकार कर दिया तो मैंने अपने विवेकाधिकार का इस्तेमाल कर फ्लाइट को रुकवाया। सुरक्षाबलों की निगरानी में अपराधियों को पुलिस के हवाले करवाया।
निदेशक पीके श्रीवास्तव ने कहा कि एयरलाइंस की आनाकानी नागवार गुजरी। ऐसे मामलों में पुलिस की मदद करने के बजाय सामंजस्य नहीं दिखाना गलत था। हालांकि बाद में एयरलाइंस ने काफी कोऑपरेट किया। अगर फ्लाइट टेक ऑफ कर जाती तो उसे वापस बुलवा लेता।
मुम्बई को जा रही गो एयर की फ्लाइट इस पूरे वाकये के चलते देरी से रवाना हुई, जिससे यात्रियों को थोड़ी सी असुविधाएं हुईं। हालांकि, यात्रियों ने एयरपोर्ट डायरेक्टर द्वारा उठाए गए कदमों को सराहा। करीब 45 मिनट की देरी से फ्लाइट 7.30 पर रवाना हुई।