धूमनगंज पुलिस ने शनिवार की दोपहर कंधईपुर स्थित एक गेस्ट हाउस में रामलोचन यादव की तलाश में छापा मारा। हालांकि उसे पुलिस के आने की आहट पहले ही लग गई थी। वह अपने साथियों के साथ गेस्ट हाउस की दीवार कूदकर भाग निकला। पुलिस को गेस्ट हाउस से 22 कारतूस और चार मोबाइल फोन मिले हैं।
भूमाफिया के रूप में चिन्हित होने के बाद रामलोचन के खिलाफ जुलाई महीने में जमीन कब्जा करने, रंगदारी मांगने और सील मकान का ताला तोड़ने की एफआईआर दर्ज हुई थी। इन्हीं मामलों में धूमनगंज पुलिस सपा की पूर्व विधायक विजमा यादव के भाई रामलोचन को खोज रही है। शनिवार को सूचना मिली थी कि वह कंधईपुर स्थित तुलसी गेस्ट हाउस में अपने साथियों के साथ मौजूद है। सूचना पर एसडीएम, सीओ सिविल लाइंस श्रीप्रकाश, इंस्पेक्टर एके त्यागी समेत भारी संख्या में पुलिस फोर्स कंधईपुर स्थित गेस्ट हाउस पहुंची, लेकिन पुलिस फोर्स के पहुंचने की भनक रामलोचन को हो गई थी।
पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह गेस्ट हाउस की दीवार फांदकर पीछे से भाग निकला। पुलिस जब वहां पहुंची तो मौके से 22 कारतूस बरामद हुए। चार मोबाइल भी मिले हैं। मोबाइल फोन की छानबीन शुरू कर दी गई है। काल रिकार्ड्स चेक किए जा रहे हैं। सीओ सिविल लाइंस श्रीप्रकाश ने बताया कि गेस्ट हाउस से 22 कारतूसों की बरामदगी के मामले में एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। रामलोचन के गेस्ट हाउस में होने की सूचना पर पुलिस ने वहां छापेमारी की गई थी। इंस्पेक्टर धूमनगंज एके त्यागी ने बताया कि जिस गेस्ट हाउस में आज छापेमारी हुई है, वह भी रामलोचन का ही है। उसने और किसी के नाम से यह प्रापर्टी खरीदी है। इसकी भी जांच शुरू कर दी गई है।
कंधईपुर में रामलोचन के एक मकान को 2008 में सीज कर दिया गया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि पीछे के गेट का ताला तोड़कर अंदर से सामान निकलवा लिया गया है। इसी बात की तस्दीक करने के लिए एसडीएम और सीओ शनिवार दिन में फोर्स के साथ मकान पहुंचे थे। पीछे के गेट का ताला टूटा हुआ था। सीओ ने बताया कि अंदर से काफी सामान गायब थे। 2008 का रजिस्टर मंगवाकर मिलान कराया जा रहा है। मिलान होने के बाद इस मामले में भी रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
धूमनगंज पुलिस कंधईपुर स्थित गेस्ट हाउस में छापेमारी कर रही थी, उसी समय सपा की पूर्व विधायक विजमा यादव मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि रामलोचन को राजनीतिक विद्वेष के कारण फंसाया जा रहा है। वह जवाहर पंडित हत्याकांड में गवाह है, इसलिए उसे डराने धमकाने के लिए पुलिस वाले सत्ताधारियों के साथ मिलकर कार्रवाई कर रहे हैं।