सिविल लाइंस में ताशकंद मार्ग पर एक युवक ने ब्लेड से अपने हाथों पर प्रेमिका का नाम लिखा और फांसी पर लटक गया। फांसी लगाने से पहले उसने दोनों हाथों की नसों को काटने का प्रयास किया था। इतना ही उसने जहर भी खा लिया था, क्योंकि उसके मुंह से झाग निकल रहा था। घरवालों के मुताबिक वह काफी समय से डिप्रेशन में था। उसने काम पर जाना भी छोड़ दिया था।
मीरगंज चौक का रहने वाला गोविंदा (24) कुछ सालों से अपने भांजे मनीष के साथ ताशकंद रोड स्थित मकान में तीसरी मंजिल पर किराये पर रह रहा था। परिवार में बूढ़ी मां और भाई हैं। वे दोनों भी साथ में रहते हैं। गोविंदा ने शनिवार दोपहर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घर में मौजूद बूढ़ी मां ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव नीचे उतारा। गोविंदा ने दोनों हाथों की नसों को भी काटने का प्रयास किया था। उसने ब्लेड से अपने हाथों पर एक लड़की का नाम लिखा था। उसके मुंह से झाग निकल रहा था। गोविंदा के भाई लच्छो ने बताया कि वह चौक में ठेले पर कपड़ा बेचने का काम करता था।
तीन साल पहले वह मेरठ में काम करने गया था। वहीं पर एक लड़की से प्यार करने लगा। लड़की के घर वालों को यह रिश्ता पसंद नहीं था। इसी कारण वहां कई बार लड़ाई झगड़ा हुआ और गोविंदा वापस इलाहाबाद आ गया। गोविंदा और उसकी प्रेमिका के बीच इधर बीच क्या हुआ, वह नहीं जानता। पिछले कुछ समय से गोविंदा डिप्रेशन का शिकार हो गया था। दिन रात घर में रहता था। चौक में कपड़ा बेचने भी नहीं जाता था। बीमारी की वजह से मां बिलकुल अपाहिज हो गई है। पुलिस ने गोविंदा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ सिविल लाइंस श्रीशचंद्र ने बताया कि गोविंदा ने जिस लड़की का नाम हाथों पर लिखा था, उसके बारे में पता लगाया जा रहा है। शव जब नीचे उतारा, उसके मुंह से झाग निकला रहा था। आशंका यही है कि उसने फांसी लगाने से पहले जहर भी खाया था। पोस्टमार्टम के बाद स्थिति साफ होगी।