जार्जटाउन क्षेत्र स्थित शराब की दुकानों के खिलाफ स्थानीय लोगों का रोष सोमवार को फूट पड़ा। मेडिकल चौराहे के लाउदर रोड पर जाम लगाते हुए लोगों ने जमकर बवाल काटा। विरोध करने वालों में महिलाओं की भी अच्छी खासी संख्या रही। जाम लगाने के बाद वहां स्थित सभी शराब की दुकानों को जबरन बंद करा दिया गया। दुकान बंद कराने के बाद स्थानीय पार्षद आकाश सोनकर की अगुवाई में लोग वहीं धरने पर बैठ गए।
बड़ी संख्या में एकत्रित लोगों ने इस दौरान अफसरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था आसपास कई शैक्षिक संस्थान, धार्मिक प्रतिष्ठान एवं चिकित्सालय हैं। इनमें महिलाओं का आना-जाना रहता है। शाम ढलते ही यहां का माहौल खराब हो जाता है। शराब की दुकानों के चलते महिलाओं को असहज स्थिति झेलनी पड़ती है। आक्रोशित लोगों के वहीं सड़क पर बैठ जाने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। वहां वाहनों की कतार लगनी शुरू हो गई। थोड़ी ही देर में चौराहे के आसपास का पूरा ट्रैफिक जाम हो गया। चक्का जाम की सूचना पर एसओ जार्जटाउन मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंच गए। उन्होंने समझाने-बुझाने की कोशिश की लेकिन लोग नहीं माने। प्रदर्शनकारी वहां जिलाधिकारी को बुलाने की मांग कर रहे थे। कुछ देर बाद एससीएम-प्रथम, सीओ मौके पर पहुंचे।
विरोध प्रदर्शन बढ़ता देख मौके पर सिविल लाइंस, कर्नलगंज थाने के पुलिस बल के साथ महिला पुलिस को भी बुला लिया गया। आक्रोशित लोगों को एसीएम-प्रथम ने किसी तरह खत्म कराने को राजी किया। उन्होंने जल्द जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिया तब लोगों ने जाम खत्म किया। इस दौरान महापौर भी पहुंचीं थीं। पार्षद का कहना है अगर वायदे के मुताबिक कार्रवाई नहीं हुई तब फिर आंदोलन करेेंगे। प्रदर्शनकारियों में नंदलाल हेला, सोनू पटेल, मंजीत, पवन कुमार, कमलेश तिवारी, पंकज त्रिपाठी, अविनाश मिश्रा, जीनू सोनकर, मोनू सोनकर, पप्पू पांडेय, दीपक यादव, सनी सोनकर समेत कई मौजूद रहे।