होलागढ़ के अकोढ़ी गांव में शनिवार शाम धर्मनारायण पांडेय (45) ने पिता की लाइसेंसी एक नली बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या की कर ली। फायरिंग की आवाज सुनकर घरवाले कमरे की ओर दौड़े तो कुंडी अंदर से बंद थी। जब तक दरवाजा तोड़कर घरवाले अंदर घुसते धर्मनारायण की मौत हो चुकी थी। थे। धर्मनारायण की मौत से घर में कोहराम मच गया। चीख पुकार सुनकर गांव लोग पहुंचे। खबर पाकर होलागढ़ पुलिस पहुंची। घटना के बारे में घरवालों से पूछताछ के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अकोढ़ी के गांव के रिटायर शिक्षक रामसरन पांडेय के दो बेटों में छोटा धर्मनारायण पांडेय गुडगांव में प्राइवेट नौकरी करता था। वह दो महीने पहले बड़ी बेटी की शादी के लिए गांव आया तो लौटकर नहीं गया था। पूछताछ पर पता चला कि घरेलू कलह से तनाव में आकर धर्मनारायण पांडेय ने खुद को गोली मारकर सुसाइड किया। घरवालों के मुताबिक धर्मनाराण शाम को लगभग साढ़े चार बजे घर पहुंचे। उन्होंने बहाने से बच्चों को कमरे से बाहर भेज दिया। बच्चों और पत्नी के बाहर जाने के बाद दूसरे कमरे में रखी पिता की एक नली लाइसेंसी बंदूक लेकर कमरे में पहुंचा। कुंडी अंदर से बंदकर पेट में गोली मार ली।
धर्मनारायण की मौत से घर में कोहराम मचा है। घरवाले धर्मनारायण के इस कदम से गहरा सदमा लगा है। धर्मनारायण के एक बेटा और दो बेटियां है। धर्मनारायण की पत्नी विमला आशा कार्यकत्री हैं। पति की मौत से आशा का रोकर बुरा हाल है। वह रोते-रोते अचेत हो गई। एसओ होलागढ़ अरविंद तिवारी ने बताया कि घरवालों से पूछताछ के बाद घरेलू कलह में गोली मारकर आत्महत्या की बात सामने आई है। लाइसेंसी बंदूक बरामद कर ली गई है।