कमला नेहरू अस्पताल में हड़ताल के दौरान इलाज न मिलने से शिवचरण की मौत के बाद परिजनों के साथ ही अन्य तीमारदारों का भी आक्रोश भड़क उठा। डॉक्टरों व गार्डो की संवेदनहीनता को लेकर उनमें जबरदस्त गुस्सा था। वह मारपीट करने वाले गार्डों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग कर रहे थे। स्थिति गंभीर होते देख पुलिस ने मामला संभाला। बहुत समझाने के बाद लोग शांत हुए और तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली।
शिवचरण को गंभीर हालत में बेटे सुरेंद्र व मनीष अस्पताल लेकर पहुंचे थे। साथ में बहनें मीना, नीता व भाभी सपना भी थी। सुरेंद्र ने बताया कि दो घंटे तक वह पिता को लेकर अस्पताल के रिसेप्शन पर खड़ा रहा। वह और उसके परिवारवाले हाथ जोड़कर मिन्नतें करते रहे लेकिन उसके पिता को देखने कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। उनकी हालत हर बीतते पल के साथ बिगड़ती ही जा रही थी और आखिरकार इलाज के अभाव में उन्होंने दम तोड़ दिया। इस पर वहां कोहराम मच गया। सुरेंद्र के साथ ही उसके परिवारवालों में चीख-पुकार मच गई। शोरगुल सुनकर परिसर में मौजूद अन्य तीमारदार भी रिसेप्शन कक्ष में पहुंच गए और वहां भीड़ जुट गई। परिजन बिलखते हुए आरोप लगा रहे थे कि डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से शिवचरण की मौत हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो मरीज की मौत की खबर मिली तो आननफानन में अस्पताल का एक डॉक्टर मौके पर पहुंचा। परिजनों का आक्रोश देख उसके होश उड़ गए। इस दौरान उसने एक जूनियर डॉक्टर को बुलाकर पूछा तो वह कहने लगा कि उसने मरीज को देखा था। हालांकि परिजनों व अन्य तीमारदारों ने उसकी पोल खोल दी। उन्होंने बताया कि दो घंटे तक मरीज तड़पता रहा फिर भी उसे देखने कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा।
भीड़ बढती देख डॉक्टर ने परिजनों से शव लेकर अस्पताल के बाहर जाने को कहा। उधर परिजन शव से लिपटकर रोते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इसी दौरान अस्पताल में तैनात सुरक्षागार्डों को बुला लिया गया। जिन्होंने पहुंचते ही परिजनों को रिसेप्शन कक्ष से बाहर निकालना शुरू कर दिया। इस पर उनकी परिजनों से खींचतान होने लगी। उन्होंने विरोध किया तो गार्डों ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो दो गार्डो ने मृतक मरीज के घर की महिलाओं से भी मारपीट की। जिस पर परिजनों के साथ ही अन्य लोग भी भड़क उठे। शोरगुल सुनकर पुलिस पहुंची तो आरोपी गार्डेां पर कार्रवाई की मांग की जाने लगी। पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाया तब जाकर लोग शांत हुए।