कारोबारी अमित गुप्ता और सचिन केसरवानी की मौत की खबर जब बृहस्पतिवार रात कटरा बाजार पहुंची तो खलबली मच गई। साथियों की मौत से दुखी बाजार के कारोबारियों ने शुक्रवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय चौराहा और पुराना कटरा बाजार की दुकानें बंद रखीं। बाजार में सन्नाटा पसरा रहा।
शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम के बाद अमित और सचिन के शव जब एक साथ घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। दो घर आसपास ही हैं। बाजार के लोग गमगीन हो गए। भारी भीड़ जमा हो गई। मृतकों के घरवालों का विलाप देखकर हर किसी की आंखें नम थीं। लोग हैरान थे कि आखिर आरोपियों की अमित और सचिन से क्या रंजिश थी, जो बात कत्ल तक पहुंच गई। हर जगह-जगह इसी घटना को लेकर चर्चा होती रही। गुरुवार रात से लेकर शुक्रवार दोपहर दो बजे तक कर्नलगंज थाने में सैकड़ों की संख्या में कारोबारी मौजूद रहे। उसके बाद बड़ी संख्या में कारोबारी पोस्टमार्टम हाउस चले गए। सारा दिन बाजार में हर ओर मिलनसार स्वाभाव के अमित और सचिन के कत्ल की ही चर्चा होती रही।
कारोबारी अमित और सचिन की मौत से घर में कोहराम मचा है। युवकों की मौत से घरवाले दुखीं हैं। साथ ही उन दोस्तों के खिलाफ भारी गुस्सा है, जो अमित और सचिन के कत्ल के आरोपी हैं। अमित दो भाइयों में बड़ा था। उसकी रेडीमेड कपड़ों की दुकान थी। उसका हंसता खेलता परिवार था। अमित की मौत से पत्नी अंशु का बुरा हाल है। शाम को पति का शव पहुंचा तो शव से लिपटकर वह रोते-रोत बेहोश हो गई। मोहल्ले की महिलाओं ने किसी तरह संभाला। होश में आने पर वह दोबारा रोने लगतीं। दोनों बच्चे अंश, पीहू भी घरवालों को रोता देख रोने लगते। वे बार-बार घरवालों से पूछते रहे कि पापा कहां चले गए।
वहीं दो भाइयों में छोटे सचिन केसरवानी के पिता की मौत हो चुकी है। पिता की मौत के बाद वह विश्वविद्यालय चौराहे के पास स्टेशनरी की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। अमित से उसकी गहरी दोस्ती थी। दोनों रोज रात में एक बार जरूर मिलते थे। गुरुवार को सचिन की मां और भाई को एक शादी में जाना था। इसके लिए उसने अमित से बाइक मांगी थी। मां और भाई शादी में चले गए। लौटे तो उन्हें सचिन की मौत की खबर मिली।
कारोबारी अमित गुप्ता और सचिन केसरवानी के कत्ल के बाद दोस्त कृष्णा और दिव्यांशु उर्फ देबू ने सड़क हादसे की कहानी गढ़ी, लेकिन कई ऐसे सवाल हैं जो दुर्घटना की कहानी को झुठला रहे हैं। शुक्रवार दोपहर तक मामले को दुर्घटना बता रही पुलिस भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अपने बयान से पलट गई। कर्नलगंज पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोट, डॉक्टरों की राय और आरोपियों की कॉल डिटेल की जांच के बाद ही अब कुछ कहा जा सकता है। पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी के बीच हुआ है।
क्यों है हत्या
1. सिर्फ अमित और सचिन का घायल होना, जबकि गाड़ी में कृष्णा भी था उसे खरोंच तक नहीं आई।
2. दोस्तों को बुलाकर घायलों को अस्पताल ले गए। घरवालों और पुलिस को बताने में देर क्यों की।
3. अमित को अस्पताल ले जाते समय सचिन को सड़क पर क्यों छोड़ दिया था।
4. सफारी गाड़ी बांईं तरफ दरवाजे के पास क्षतिग्रस्त है, जबकि जिस ढंग से दुर्घटना बताई गई उस हिसाब से गाड़ी पलट जानी चाहिए।
5. घटनास्थल के पास झुग्गी-झोपड़ी वालों ने बताया कि गाड़ी टकराने के बाद ड्राइवर (कृष्णा) उतरकर भागा।
6. झोपड़ी में रहने वाले व्यक्ति ने सफारी से एक युवक (सचिन) को सड़क पर फेंके जाते देखा था।
7. सबसे अहम सबूत पोस्टमार्टम रिपोर्ट है। मृतकों के शरीर पर मिले चोट के निशान साफ तौर हत्या की तरफ इशारा कर रहे हैं। मृतकों के शरीर पर लोहे की रॉड या सरिया के गहरे जख्म हैं, जो दुर्घटना में नहीं आते हैं। सचिन के शरीर पर एक दर्जन चोट हैं। उसके सिर, चेहरा, गर्दन समेत कई स्थानों पर गहरे जख्म हैं। अमित के शरीर पर कंधे और सिर समेत आधा दर्जन चोट के निशान पाए गए हैं, जैसे डंडे या लोहे की रॉड से मारे जाने पर आते हैं।
दुर्घटना और हत्या दोनों बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर डॉक्टरों की राय और आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल की जांच की जा रही है। परिजनों की तहरीर पर हत्या और धमकी का मुकदमा लिखा गया है। दो आरोपियों दिव्यांशु और कृष्णा को गिरफ्तार कर लिया गया है।उ
- डीपी तिवारी, सीओ कर्नलगंज।