यमुनापार इलाके के करछना में पारिवारिक कलह से परेशान होकर शुक्रवार दोपहर रामबाबू पटेल और उसकी पत्नी कंचन ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। पहले पति ट्रेन के सामने कूदा और फिर पत्नी ने भी छलांग लगा दी। पता चला तो परिवार के लोग और करछना थाने से पुलिसकर्मी वहां पहुंचे। मांडा से आए महिला के मायकेवालों ने थाने में तहरीर दी है कि दामाद-बेटी को परिजन बेहद तंग करते थे।
करछना के कचरी में रहने वाले किसान नवल किशोर पटेल के चार पुत्रों में रामबाबू पटेल (24) तीसरे नंबर पर था। वह मजदूरी कर पत्नी विजयलक्ष्मी उर्फ कंचन और दो साल की बेटी आकांक्षा के साथ गुजारा करता था। मांडा में बरहा कला गांव निवासी कंचन से उसका ब्याह चार साल पहले हुआ था।
शुक्रवार दोपहर करीब साढे़ बारह बजे वह घर से चीखते हुए निकलकर रेलवे लाइन की तरफ बढ़ा तो पीछे-पीछे पत्नी कंचन भी चल दी। रामबाबू ने घर से करीब तीन सौ मीटर दूर रेलवे पटरी पर जाकर मालगाड़ी के सामने छलांग लगाई तो पत्नी कंचन भी कूद गई। ट्रेन की जद में आकर उन दोनों की मौत हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने देखा तो शोर मचाते हुए वहां आ गए। पत्नी समेत रामबाबू की आत्महत्या की जानकारी पाकर उसके परिवार के लोग भी पहुंच गए। करछना थाने की पुलिस पहुंची।
घंटे भर बाद मांडा से कंचन के पिता रामबली भी रिश्तेदारों के साथ आ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि रामबाबू और कंचन को परिवार के लोग बेहद परेशान करते थे। इसी वजह से उनकी दो साल की बच्ची ननिहाल में थी। रामबाबू और उसके घरवालों के बीच मकान के बंटवारे का भी विवाद गहराया था। वह अलग कमरा मांग रहा था लेकिन पिता ने इनकार कर दिया। रामबाबू के ससुर रामबली ने करछना थाने में तहरीर दी है हालांकि पुलिस ने शाम तक केस नहीं लिखा था। पुलिस ने जांच की बात कही है। इस घटना ने दो साल की मासूम आकांक्षा को माता-पिता के प्यार से वंचित कर दिया। ननिहाल से उसे लाया गया मगर वह मासूम भला क्या समझती।