अटाला में बुधवार सुबह छत से फेंककर मारी गई निकहत का शव बृहस्पतिवार शाम करीब साढ़े चार बजे पोस्टमार्टम के बाद घर लाया गया तो रिश्ते और इलाके की सैकड़ों महिलाएं जुट गईं। महिलाओं में निकहत की मौत से भारी गुस्सा दिखा। उनका कहना था कि एक महिला ऐसी बेरहमी कैसे कर सकती है। मुहल्ले में परिवार और रिश्ते की महिलाओं का विलाप गूंजता रहा। घर पर रस्म पूरी कर देर शाम निकहत का शव स्थानीय कब्रिस्तान ले जाकर दफना दिया गया।
पोस्टमार्टम हाऊस से निकहत का शव घर आने पर उसकी बहन नुसरत, मां शबनम, छोटी बहन समेत रिश्ते तथा आसपास की महिलाएं रोने-चीखने लगीं थीं। मुहल्ले में घरों की छतों से भी लोग उधर ही देखते रहे। निकहत की मौत से सभी दुखी हैं। वह मिलनसार लड़की थी। मुहल्ले में सब उसे बेहद दुलार करते थे। बुधार की घटना से सभी स्तब्ध हैं। पिता लड्डू भी गमगीन दिखे। समाजसेवी दिलशाद मंसूरी भी परिजनों को दिलासा देते रहे। उन्होंने महिलाओं से कहा कि पुलिस से मांग की है कि घटना की गहराई से जांचकर दोषियों की गिरफ्तारी की खुल्दबाद पुलिस ने भरोसा दिया है कि आरोपियों को जल्द पकड़ा जाएगा।
निकहत की मौत तीसरी मंजिल की छत से गिरने से हुई थ। गुरुवार को पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर भी इस नतीजे पर पहुंचे कि निकहत की मौत का कारण हेड इंजरी से कोमा में जाना रहा। उधर, खुल्दाबाद इंस्पेक्टर तुषार त्यागी ने बताया कि घटना की जांच हो रही है। आरोप है कि आदिल की मां जोहरा ने लड़की को छत से फेंक दिया। हालांकि घटनास्थल की जांच से तो लगा कि अकेली महिला द्वारा जवान लड़की को उठाकर ऊंची मुंडेर से नीचे फेंकना आसान नहीं। उस वक्त निकहत के परिवार के कई लोग मौजूद थे। छत से नीचे दूसरी मंजिल की बालकनी आगे तक निकली है। मुंडेर पर चढ़कर छलांग लगने पर ही गली में गिरना संभव है। फिलहाल, सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। अभी इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। आरोपी महिला की तलाश हो रही है। कई जगह छापे मारे गए।