कर्नलगंज थाना क्षेत्र केकेपीयूसी हॉस्टल केपास स्थित एक अपार्टमेंट में रहने वाले रविंद्र सोलंक(27) का शव फांसी पर लटकता मिला। वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय केडिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेकभनोलॉजी में अस्थायी फैकल्टी केतौर पर कार्यरत थे। पुलिस का मानना है कि डिप्रेशन केचलते उन्होंने खुद फांसी लगाकर जान दी। मूलत: रामपुर जिले केरहने वाले रविंद्र यहां किराए पर कमरा लेकर रहते थे। पुलिस ने उनकेेघरवालों को सूचना दे दी है जिसकेबाद वह इलाहाबाद केलिए रवाना हो गए हैं।
कर्नलगंज थाना क्षेत्र में केपीयूसी हॉस्टल केबगल वाली गली में विलवेडियर प्रेस केपास वैष्णवी अपार्टमेंट है। रविंद्र यहां किराए पर कमरा लेेकर रहते थे। मूल रूप से वह रामपुर जिले केरहने वाले थे। उन्होंने एक साल पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय केडिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेकभनोलॉजी में बतौर अस्थायी फैकल्टी ज्वाइन किया था। बताया जा रहा है कि यह नियुक्ति तीन साल केलिए केंद्र सरकार की ओर से की जाती है। इससे पहले रविंद्र ने बीएचयू से पीएचडी भी की थी। पुलिस का कहना है कि रविंद्र का फोन शुक्रवार दोपहर से स्विच ऑफ था। घरवालों ने कई बार कॉल ली, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
इस पर वे परेशान हो गए। शनिवार दोपहर 12 बजे केकरीब उन्होंने मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रहे अपने परिचित गौरंाग अग्रवाल नामक युवक को फोन किया। गौरांग अपने साथियों को लेकर वैष्णवी अपार्टमेंट में पहुंचा तो देखा कि रविंद्र का कमरा भीतर से बंद था। सूचना पर मकान मालिक अनुभव सैनी भी पहुंच गए। इसकेबाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौकेपर पहुंची और किसी तरह कमरे के भीतर दाखिल हुई तो अंदर का नजारा देख सभी केहोश उड़ गए। रविंद्र का शव फांसी पर लटकता मिला। पुलिस ने शव फंदे से नीचे उतारा और घरवालों को फोन से सूचना दी। विश्वविद्यालय में कार्यरत साथियों से बातचीत में पता चला कि रविंद्र पिछले करीब एक साल से डिप्रेशन में थे। कर्नलगंज इंस्पेक्टर अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि मृतक केघरवालों को सूचना दे दी गई है। वह इलाहाबाद आने केलिए रवाना हो गए हैं।