कैंट थाना के बेली गांव में लड़कों के आपसी विवाद के बाद चली गोली में घायल तौसीफ अहमद की शुक्रवार की सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम उसका शव इलाहाबाद लाया गया, जहां पुलिस की मौजूदगी में म्योराबाद कब्रिस्तान में शव दफन किया गया।
बता दें कि 11 जून को बेली गांव निवासी तौसीफ अहमद 29 उर्फ आरिफ पुत्र मो.सादिक को रायफल से गोली मार दी गई थी। वह अपने छोटे भाई उमर का पड़ोस में कुछ लड़कों से हुए झगड़े में बीच-बचाव करने अपने पिता सादिक के साथ गया हुआ था। जैसे ही वह बेली स्थित बड़ी मस्जिद के पास पहुंचा तभी वहां म्योराबाद के जुनैद, उबैद, फहद आदि पहुंच गए। विवाद के दौरान ही रायफल से फायरिंग की गई। एक गोली तौसीफ की कनपटी के बाई तरफ जा लगी। इससे वह गंभीर तौर पर घायल हो गया। इलाहाबाद में उपचार के दौरान गंभीर दशा को देखते हुए उसको लखनऊ रेफर कर दिया गया। उसका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा था, जहां उसकी सुबह मौत हो गई। कैंट पुलिस के मुताबिक हमलावर भी तौसीफ के परिवार के ही लोग हैं। रिश्तेदारी की वजह से दोनों परिवार एक दूसरे को बेहद अच्छी तरह से जानते हैं। इस मामले में तौसीफ के पिता ने जुनैद अहमद, उबैद, फहद पुत्र तुफैल अहमद उर्फ छक्कन एवं फजील को नामजद कराया हुआ है।
तौसीफहत्याकांड में नामजद चार हत्यारोपियों में जुनैद एवं फरहत उर्फ फजील को पुलिस ने गिरफ्तार कर रखा है जबकि शेष आरोपी फरार चल रहे हैं। पुलिस इन दोनों से फरार आरोपियों को लोकेशन हासिल करने को पूछताछ कर रही है। हालांकि दोनों की ही गिरफ्तारी अभी तक दिखाई नहीं गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने दोनों को गुरुवार से ही पकड़ रखा है वहीं, एसओ कैंट आरसी रावत का कहना है हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम बाहर भेजी गई है।