नैनी(ब्यूरो)। छत पर रस्सी पकड़कर झूला झूल रहे मासूम पर दीवार गिर गई। घरवालों को सूचना मिलते ही वह उसे पास के अस्पताल लेकर भागे लेकिन मासूम ने दम तोड़ दिया था। मासूम की मौत के बाद घर में कोहराम मच गया। मां चीत्कार कर रोने लगी। चीख पुकार की आवाज सुनकर आस पास के लोग मौके पर पहुंच गये। वहीं किसी ने पुलिस को सूचना कर दी। सूचना पहुंची पुलिस ने मासूम के शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजना चाहा लेकिन स्थानीय और घरवालों के विरोध के बाद पुलिस वापस लौट गई।
पप्पू केसरवानी नैनी के काजीपुर मोहल्ले में ओमप्रकाश जायसवाल के मकान में किराये पर रहता है। वह विक्रम चलाकर अपने दो बेटों और पत्नी को किसी तरह से पाल रहा है। बड़ा बेटा कार्तिक (11) घर के समीप ही एक कान्वेंट स्कूल में कक्षा में पढ़ता था। वहीं छोटा बेटा आठ साल का है। शुक्रवार की शाम कार्तिक घर पर अकेला था। मां और पिता छोटे बेटे को इलाज के लिए लेकर गये हुए थे। कार्तिक शाम को मकान की छत पर पहुंचा और कपड़ा फैलाने वाली बांधी गई रस्सी को पकड़कर झूला झूलने लगा।
उसी दौरान दीवार कमजोर होने के कारण उसके ऊपर गिर गई। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। किरायेदार आवाज सुनकर छत पर पहुंचे तो कार्तिक खून से लथपथ पड़ा हुआ था। किरायेदार उसे लेकर नीचे भागे और उसके घरवालों तक सूचना कर दी। सूचना उसके घरवाले और आसपास के लोग उसे पास के अस्पताल लेकर भागे। लेकिन वह रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मासूम कार्तिक की मौत के बाद घर में रोना पीटना शुरू हो गया। मां बाप और छोटा भाई चीत्कार मारकर रोने लगे। धीरे धीरे स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। मासूम की मौत से पूरे घर पर पहाड़ टूट गया है।