इलाहाबाद। धूमनगंज इलाके में ट्रिपलआईटी के पास शनिवार रात हुए तैयबा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। तैयबा की हत्या की साजिश उसके पति साजिद अहमद ने ही रची थी। साजिद शादी के बाद माशूका से दूरी बर्दाश्त नहीं कर पा रहा। वह परिवार वालों के दबाव में पत्नी को भी नहीं छोड़ पा रहा था। इससे परेशान साजिद ने पत्नी तैयबा को रास्ते से हटाने की साजिश रची। अपने तीन दोस्तों की मदद से उसने हत्याकांड को अंजाम दिया। घटना के बाद से ही पुलिस साजिद की भूमिका को संदिग्ध मानकर जांच कर रही थी।
पीपलगांव का साजिद नाई की दुकान चलाता है। चार महीने पहले घर से कुछ दूर पर रहने वाली तैयबा से उसकी शादी हुई थी। 5 सितंबर को साजिद बाइक से पत्नी तैयबा को पिक्चर दिखाने सिविल लाइंस आया था। लौटते समय ट्रिपलआईटी के पास तैयबा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। तैयबा की मौत के बाद पति साजिद ने बताया कि लूट का विरोध करने पर बदमाशों ने गोली मार दी थी लेकिन पुलिस को एक बात हजम नहीं हो रही थी कि बदमाश केवल सोने की चेन लूटने के लिए एक महिला को गोली क्यों मारते।
जबकि पति साजिद को खरोंच तक नहीं आती है। एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि साजिद का एक कोमल नाम की लड़की से प्रेम संबंध चल रहा था। उसने तैयबा से घरवालों के दबाव में शादी की थी। शादी के बाद साजिद के तैयबा से रिश्ते ठीक नहीं चल रहे थे। वह किसी भी कीमत पर कोमल से दूर नहीं रहना चाहता था। आए दिन झगड़ा होता था। साजिद किसी तरह पत्नी तैयबा को रास्ते से हटाना चाहता था। इसके लिए उसने अपने तीन दोस्तों अनिल, गेंदा लाल और भीम से संपर्क किया।
साजिश के तहत सबने रात में एक साथ बैठकर पिक्चर देखी। लौटते समय रास्ते में तैयबा का चारों ने मिलकर कत्ल कर दिया। धूमनगंज इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह देव को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि तैयबा के कत्ल के आरोपी उमरी के पास मौजूद हैं। इस सूचना पर पुलिस ने घेरेबंदी कर तैयबा के पति साजिद और अनिल को दबोच लिया। तलाशी में एक सीबीजेड बाइक और तमंचा बरामद हुआ। हत्याकांड में दो अन्य आरोपियों गेंदालाल और भीम की तलाश की जा रही है। एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि एसएसपी केएस इमैनुएल ने गिरफ्तार करने वाली टीम में शामिल इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह देव, एसआई आलोक सिंह यादव समेत अन्य पुलिसकर्मियों को पांच हजार रुपये का इनाम दिया है।
साजिद ने पत्नी तैयबा के कत्ल के लिए अनिल, गेंदा और भीम से 1 लाख और एक बाइक में सौदा तय किया था। वारदात की साजिश घटना से एक दिन पहले ही रची गई थी। पिक्चर देखकर लौटते समय सूनसान अंधेरे में बहाने से साजिद ने बाइक रोक दी। इसके बाद गेंदा लाल, भीम और अनिल ने तैयबा को घेर लिया। गेंदा ने तमंचे से गोली तैयबा को मार दी। वह लहूलुहान होकर गिर पड़ी तो साजिद पहुंचा। उसने भी एक गोली तैयबा के सिर में मार दी। इसके बाद गेंदा, भीम और अनिल भाग निकले थे। साजिद मौके पर खड़ा रहा। उसने पुलिस को बताया कि लूट का विरोध करने पर बदमाशों ने उसकी पत्नी को गोली मार दी।