शहर के सूबेदारगंज इलाके में सोमवार शाम रेल गांव में तैनात सुपरवाइजर जीतेंद्र कुमार पटेल (38) को सरेराह गोली से उड़ा दिया। उसके गले पर गोली मारी गई। राहगीरों ने उसे स्कूटर समेत सड़क पर लहूलुहान पड़ा देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस उसे उठाकर एसआरएन अस्पताल ले गई मगर उसकी मौत हो चुकी थी। हत्या में शहर पश्चिमी के बसपा विधायक पूजा पाल के करीबी अधिवक्ता उमेश पाल और उनके भाई रमेश पाल समेत तीन लोगों को नामजद करते हुए तीन अज्ञात के खिलाफ धूमनगंज थाने में केस दर्ज कराया गया है। आरोप है कि मकान पर कब्जे में नाकाम रहने पर कत्ल किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के साथ ही नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है।
सुलेमसराय के जयंतीपुर मुहल्ले में रहने वाले स्व. ननकऊ पटेल के दो पुत्रों में छोटा जीतेंद्र कुमार पटेल उर्फ मुन्ना (38) झलवा स्थित रेल गांव में सफाई कर्मचारियों का सुपरवाइजर था। बताया गया कि सोमवार शाम करीब चार बजे वह अपने बिना नंबर के स्कूटर पर निकलकर एनसीआर मुख्यालय जा रहा था। वह धूमनगंज थाने से झलवा वाली सड़क पर आने के बाद रेलवे डॉट पुल को पारकर सीएसपी रोड पर सूबेदारगंज की तरफ बढ़ गया। उसी सड़क पर उसे बदमाशों ने गोली मार दी। कुछ देर बाद राहगीरों ने लहूलुहान जीतेंद्र को स्कूटर समेत सड़क पर गिरा देखा। वहां भीड़ लग गई। खबर पाकर राजरूपपपुर चौकी प्रभारी चंद्रभूषण मौर्या और धूमनगंज इंस्पेक्टर कौशल यादव वहां आ गए। जीतेंद्र के गले पर पर गोली मारी गई थी। मौके पर पुलिसकर्मियों को बारह बोर कारतूसों के दो खोखे भी पड़े मिले। जीतेंद्र की जेब में मिले एक कार्ड से उसकी पहचान होने पर घर में खबर दी गई तो बड़े भाई चंद्रिका प्रसाद भी आ गए। सीओ सिविल लाइंस आलोक मिश्रा को खबर देकर टेंपो से जीतेंद्र को एसआरएन अस्पताल भेजा गया। वहां एसपी सिटी राजेश यादव भी सीओ सिविल लाइंस और कई थानों की पुलिस के साथ पहुंच गए। डॉक्टरों ने जीतेंद्र को मृत घोषित कर दिया। भाई चंद्रिका प्रसाद रोने-चीखने लगे तो पुलिसवालों ने उन्हें किसी तरह संभाला। कुछ देर में तमाम रिश्तेदार भी वहां पहुंच गए।
जीतेंद्र के कत्ल की खबर घर पहुंची तो हाहाकार मच गया। पत्नी पुष्पा देवी छह साल की बेटी रुचि और चार साल के बेटे बाबू को सीने से लगाकर कलपने लगी। मां सूरजकली भी बेटे के गम में रोने-बिलखने लगी। उधर, भाई चंद्रिका प्रसाद ने शक जताया कि जयंतीपुर स्थित एक मकान के विवाद में उनके भाई का कत्ल किया गया है। शाम को सपा नेता रामलोचन यादव, मरियाडीह ग्राम प्रधान आबिद समेत बड़ी संख्या में अतीक और सपा समर्थक वहां पहुंच गए। मारे गए जीतेंद्र के भाई चंद्रिका प्रसाद और सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि बसपा विधायक पूजा पाल के करीबी उमेश पाल और उनके साथी विष्णु गुप्ता उर्फ सोनू ने यह कत्ल कराया है। जयंतीपुर स्थित एक मकान के चक्कर में वारदात की गई है। थाने पर सपा नेताओं की भीड़ जुटने की खबर पाकर एसपी क्राइम रमाकांत प्रसाद भी पहुंच गए। पूर्व सांसद अतीक अहमद भी थाने के बाहर पहुंचे और वहां मौजूद लोगों से कुछ बात कर निकल गए। जीतेंद्र की मां सूरजकली ने बेटे के कत्ल में उमेश पाल पर साजिश और उनके भाई रमेश पाल, हरवारा में रहने वाले मूल रूप से हटवा गांव निवासी अशरफ और तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस धूमनगंज थाने में दर्ज कराया। रात में एसएसपी जोगेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे।
00000000
न स्ट्रेचर मिला और न तो डॉक्टर उठे
इलाहाबाद(ब्यूरो)। गोली लगने से घायल जीतेंद्र पटेल को उठाकर टेंपो में अस्पताल ले जाया गया। साथ में सीओ आलोक मिश्रा भी सिविल लाइंस थाना प्रभारी महेश पांडेय के साथ पहुंच गए। पुलिस ने इमरजेंसी वार्ड में जाकर डॉक्टरों से आग्रह किया कि टेंपो में बेसुध पड़े जीतेंद्र को अंदर लाने के लिए वार्ड ब्वाय को स्ट्रेचर के साथ भेज दें लेकिन वहां न तो वार्ड ब्वाय था न स्ट्रेचर। इस पर सीओ और इंस्पेक्टर ने नाराजगी जाहिर की मगर तब भी डॉक्टर टस से मस नहीं हुए। आखिरकार सिपाहियों ने इमरजेंसी वार्ड के पास खड़ी एक प्राइवेट एंबुलेंस से खुद स्ट्रेचर निकालकर जीतेंद्र को उस पर लेटाकर लाल बत्ती में ले गए, जहां मौजूद डॉक्टरों ने चेकअप कर बताया कि उसकी मौत हो चुकी है। इस पर सीओ ने डॉक्टरों के रवैये और इमरजेंसी वार्ड की बदइंतजामी के बारे में एसपी सिटी राजेश यादव और सीएमओ से भी फोन पर शिकायत की। कुछ देर मे एसपी सिटी भी वहां आ गए।
दस साल से बना है मकान का विवाद
कत्ल के पीछे जयंतीपुर के मकान का विवाद बताया गया है जो दस साल से बना हुआ है। दरअसल, मारे गए जीतेंद्र के पिता दो भाई हैं। उसके चाचा रामचंद्र की सिर्फ दो बेटियां हैं। उनका ब्याह हो चुका है। बसपा विधायक पूजा पालके करीबी उमेश पाल के साथी विष्णु गुप्ता उर्फ सोनू ने जीतेंद्र के चाचा रामचंद्र से मकान खरीद लिया था मगर कुछ समय बाद जीतेंद्र और उसका चंद्रिका उस मकान को खरीदने की कोशिश करने लगे। ऐसे में विष्णु गुप्ता से उनकी अदावत हो गई। वर्ष 2006 में ही जीतेंद्र की मां सूरजकली ने विष्णु के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट, लूटपाट का केस दर्ज कराया था। उस मुकदमे में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी तो मकान का मुकदमा दीवानी कोर्ट में दाखिल किया गया था। उस मुकदमे में जल्द ही फैसला आने वाला था। मां सूरजकली ने धूमनगंज थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया है कि मकान की दुश्मनी में उमेश पाल ने कई बार उन्हें और उनके बेटे को धमकी दी थी कि मुकदमे की पैरवी करने पर जान से मार दिया जाएगा। सूरजकली के मुताबिक, उनका पुत्र जीतेंद्र उर्फ मुन्ना मुकदमे की पैरवी कर रहा था इसलिए उसे बार-बार धमकी दी जा रही थी। सोमवार को उमेश पाल की साजिश पर उनके भाई रमेश पाल और अशरफ पुत्र मकबूल निवासी हरवारा ने तीन अज्ञात लोगों के साथ मिलकर वारदात अंजाम दी।
गवाही टालने के लिए कत्ल में फंसाया मुझे
रेल गांव के सफाई सुपरवाइजर जीतेंद्र कुमार पटेल उर्फ मुन्ना की हत्या में नामजद आरोपी जयंतीपुर निवासी अधिवक्ता उमेश पाल वर्ष 2005 में सुलेमसराय में दिनदहाड़े शहर पश्चिमी के तत्कालीन बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के गवाह हैं। घटना के दो साल बाद उन्हें गवाही बदलने के लिए अगवा किया गया था। जिसमें पूर्व सांसद अतीक अहमद भी आरोपी हैं। उस मुकदमे में उमेश पाल की गवाही लंबे समय से टल रही है। जीतेंद्र की हत्या में नामजद किए जाने पर उमेश पाल ने अमर उजाला से कहा कि 16 जुलाई को उनकी गवाही है जिसे टालने के लिए कत्ल में फंसाया गया है। गवाही नहीं देने के लिए अतीक अहमद बार-बार उन्हें पैसों का प्रलोभन के साथ ही धमकी दे रहे हैं। अब झूठे केस में फंसाया गया है। राजू पाल हत्याकांड की सीबीआई जांच हो रही है जिसमें पूर्व सांसद को फंसने का पूरा खतरा है इसलिए ऐसी साजिश रची जा रही है।
पूजा ने सीबीआई और आईजी को किया फोन
सूबेदारगंज में जीतेंद्र के कत्ल की वारदात में उमेश पाल और उनके भाई रमेश पाल के खिलाफ केस दर्ज करने का दबाव बनाने के लिए सपा नेता धूमनगंज थाने पर जुटे तो इसे अपने पति राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल के खिलाफ साजिश करार देते हुए शहर पश्चिमी की बसपा विधायक पूजा पाल ने आईजी जोन के साथ ही सीबीआई के अधिकारियों से फोन पर बात की।