अल्लापुर में कत्ल के बाद सुनील गुप्ता का शव यमुना में फेंकने के मामले में फरार तीन आरोपियों की तलाश में पुलिस ने छापे मारे लेकिन वे हाथ नहीं आए। गिरफ्तार आरोपी आशीष यादव को जेल भेज दिया गया है। हत्या की बात साबित होने के बाद पुलिस के साथ सुनील के परिवार के लोग मंगलवार को दिन भर यमुना में नाव से घाटों और टापुओं पर शव की खोजबीन करते रहे मगर कोई नतीजा नहीं निकल सका।
20 अक्तूबर की रात बिजली मिस्त्री सुनील गुप्ता (25) को लेबर चौराहे के पास मारपीट के बाद युवक बाइक पर उठा ले गए थे। पहले इसे अपहरण समझा गया लेकिन जब सुनील का कुछ पता नहीं चला तो पुलिस और परिजनों को अनहोनी की आशंका सताने लगी थी। भाई अनिल ने सचिन सोनकर, सत्यम भारतीय, लल्लू यादव, आशीष यादव, लक्खन को नामजद कराया था। पुलिस ने लल्लू को पकड़ा तो उसने कुछ नहीं बताया ले्किन सोमवार रात आशीष यादव क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गया।
उसने बताया कि सुनील को ईट-पत्थर से पीटने के बाद तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी गई। फिर शव को बाइक पर लादकर नए पुल पर ले जाने के बाद यमुना में फेंक दिया गया था। पुलिस ने आशीष की निशानदेही पर सुनील की पैंट बरामद कर ली मगर कमीज नहीं मिली। मंगलवार को दिन भर भाई अनिल समेत कुछ रिश्तेदार नाव पर बैठकर यमुना में सुनील के शव की तलाश में लगे रहे। अब तक परिजनों को सुनील के जीवित होने की आस थी मगर आशीष के बयान से परिवार में मातम छा गया है। सुनील की मां और बहन समेत परिवार की महिलाएं दिन भर विलाप करती रहीं। घर में गमगीन रिश्तेदारों का तांता लगा रहा। पुलिस बाकी आरोपियों को खोज रही है।