मऊआइमा में दुबाही गांव के आरिफ और शफीक को सुल्तानपुर जिले की ही पुलिस ने ही शुक्रवार सुबह दूल्हेपुर बाजार से उठाया था। पुलिसवालों की पिटाई से आरिफ गंभीर घायल हुआ तो उसे शहर के अस्पताल में छोड़कर भाग गए जबकि शफीक को तीसरे रोज सुल्तानपुर पुलिस ने ट्रक लूट की घटना में गिरफ्तार दिखाया। सुल्तानपुर पुलिस केवल शफीक को पकड़ने की बात कह रही है। उसका कहना है कि आरिफ के बारे में उसे नहीं मालूम कि वह कैसे घायल हुआ या उसके साथ क्या हुआ था। परिजनों की शिकायत पर आईजी जोन ने मामले की जांच का भरोसा दिया है।
मऊआइमा के दुबाही के रहने वाले शफीक और आरिफ शुक्रवार सुबह प्रतापगढ़ के देल्हूपुर बाजार में शेविंग कराने गए थे। तभी एक बोलेरो से उतरे लोगों ने उन दोनों को पकड़ा और गाड़ी में खींच लिया। भीड़ लगी तो बोलेरो सवार लोगों ने क्राइम ब्रांच बताकर उन्हें शांत किया। इसके बाद बोलेरो आगे बढ़ गई। दोपहर बाद आरिफ को गंभीर घायल हालत में शहर में कचहरी के निकट आनंद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। फोनकर उसके घरवालों को जानकारी देने के बाद क्राइम ब्रांच वाले अस्पताल से चले। वे शफीक को भी साथ लेते गए। आरिफ के परिजन अस्पताल पहुंचे तो उसे बेहोश देख सन्न रह गए। शफीक का कुछ पता नहीं चल रहा था।
आरिफ के परिजन और शफीक के पिता कयूम ने मऊआइमा थाने और प्रतापगढ़ के मांधाता थाने में पूछा। तहरीर भी दी लेकिन केस नहीं लिखा गया। उधर, घायल आरिफ को उसके परिजन शनिवार दोपहर इलाज की खातिर लखनऊ ले गए जहां उसकी हालत गंभीर बनी है। रविवार सुबह शफीक के पिता कयूम समेत परिजनो ंने आईजी जोन से मिलकर गुहार लगाई। आरोप लगाया कि पुलिस ने दोनों को बंधक बनाकर पीटा और शफीक को गायब कर दिया है। दोपहर बाद पता चला कि सुल्तानपुर की क्राइम ब्रांच ने आरिफ और शफीक को ट्रक लूट के मामले में उठाया था। सुल्तानपुर में सीओ लम्हुआ मुकेश मिश्रा ने बताया कि शफीक को शनिवार रात कोतवाली देहात की पुलिस और क्राइम ब्रांच ने अहिमाने गांव के पास गिरफ्तार किया। 30 अक्तूबर की रात हुए ट्रक लूटकांड में उसकी तलाश हो रही थी। सीओ ने कहा कि आरिफ के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है कि उसके साथ क्या घटना हुई। यहां शफीक के परिजनों को रात तक उसकी गिरफ्तारी के बारे में जानकारी नहीं थी।