छात्र को कक्षा में घुसकर गोली मारे जाने की घटना से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं दहशत में हैं। घटना ने परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस लाइब्रेरी हाल गेट से आरोपी के भागने की बात सामने आ रही है, उसके ठीक सामने विवि पुलिस चौकी है। सवाल है कि आखिर विवि में तैनात सुरक्षा गार्ड और विवि चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी घटना के वक्त कहां थे?
विवि अफसरों के मुताबिक इविवि के चारों कैंपस में कुल मिलाकर वर्तमान में 250 सुरक्षा गार्ड तैनात हैं। इनमें 3-4 आवासीय कॉलोनियों में तैनात सु़रक्षाकर्मी भी शामिल हैं। कला संकाय में करीब 30-35 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। तीन शिफ्ट में इन सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है। वर्तमान में विवि कला संकाय में प्रवेश के लिए तीन प्वाइंट बनाए गए हैं। इनमें पहला गेट यूनियन हॉल, दूसरा केपीयूसी और तीसरा लाइब्रेरी हाल के सामने स्थित है। यूनियन हॉल और केपीयूसी के सामने वाले गेट से वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। कर्मचारियों और अफसरों के वाहन लाइब्रेरी हाल गेट के सामने से ही होकर परिसर में प्रवेश करते हैं। कर्नलगंज पुलिस का कहना है कि घटना के समय मौके पर मौजूद रहे छात्रों ने बताया था कि आरोपी स्कूटी से वहां आया और नागेंद्र को गोली मारने के बाद फिर उसी पर सवार होकर भाग निकला।
पुलिस के मुताबिक, अन्य दोनों गेट से वाहन लेकर निकलने का सवाल ही नहीं है। ऐसे में तय है कि आरोपी लाइब्रेरी हाल गेट से होकर भागा। खास बात यह है कि अन्य प्रवेश द्वार की तरह यहां भी सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। सवाल है कि इसके बावजूद आरोपी कैसे भाग निकला। इस संबंध में जब लाइब्रेरी हाल गेट पर तैनात गार्डों से बात की गई तो उन्होंने इस बारे में किसी भी जानकारी से इंकार किया। साफ कहा कि अफसरों-कर्मचारियों को छोड़कर इस गेट से किसी अन्य वाहन को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती। इस बारे में चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने बताया कि आरोपी किधर से परिसर में आया और कैसे बाहर निकला, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
लाइब्र्रेरी हाल गेट के सामने ही विवि पुलिस चौकी स्थित है। सवाल यह है कि कैंपस में इतनी बड़ी वारदात होती है और आरोपी वहां से आराम से भाग निकलता है। इसके बावजूद पुलिस को कैसे भनक नहीं लगी। इस तरह की चूक विवि चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है।
अस्पताल के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि पिछले दिनों इविवि अफसरों से बात कर परिसर में कुल 167 सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। इसके साथ ही यह भी पता चला है कि विवि में सुरक्षाकर्मियों को वॉकी-टॉकी भी दिए गए हैं। अब सवाल यह है कि तमाम सुरक्षा इंतजामात के बावजूद कैसे परिसर में इतनी बड़ी घटना हुई। कैसे आरोपी वहां से निकल भागने में कामयाब हो गया?