थाना क्षेत्र के जीटी रोड के किनारे स्थित स्कूल में कक्षा आठ में पढ़ने वाले छात्र का दो दिन पहले फीस न जमा होने पर लोहे की कुर्सी से मारकर हाथ तोड़ दिया गया। इसके पहले छात्र को एसेंबली के बाद स्कूल परिसर में बतौर सजा घंटों धूप में खड़ा किया गया था। बुरी तरह जख्मी छात्र को शहर के बेली अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। छात्र के पिता की तहरीर पर पुलिस ने स्कूल प्रबंधक, प्रधानाचार्य और शिक्षक के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
थाना क्षेत्र के मुंशी का पुरा गांव निवासी वैभव सिंह राठौर पेशे से अधिवक्ता हैं। उनका बेटा गौरव सिंह झूंसी के जीटी रोड स्थित एसजेएस स्कूल में आठवीं का छात्र है। इसी स्कूल में अधिवक्ता की बेटी भी कक्षा छह में पढ़ती है। शनिवार 25 फरवरी को भाई-बहन स्कूल गए थे। अधिवक्ता वैभव के मुताबिक स्कूल की एसेंबली के बाद बेटे गौरव को शिक्षक ने रोक लिया। उससे कहा गया कि तुम्हारी फीस जमा नहीं है। इसलिए तुम्हें बतौर सजा यहीं खड़ा रहना होगा। कुछ घंटे बाद वहां से प्रधानाचार्य विमला वशिष्ठ और शिक्षक अजय गुजरे। आरोप है कि दोनों ने किशोर की पिटाई कर दी। तभी प्रबंधक मदन वशिष्ठ भी वहां पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने छात्र को लोहे की कुर्सी फेंककर मारा।
साथ ही अन्य शिक्षकों ने भी डंडे से उसकी पिटाई की। पिर्टाई के दौरान जब छात्र बेहोश होकर गिर पड़ा तो स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में छात्र को नई झूंसी स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया। स्कूल के ही शिक्षक शिवराज ने फोन से घटना की जानकारी छात्र के पिता वैभव को दी तो वह कोर्ट से सीधे अस्पताल पहुंचे। छात्र गौरव को बाद में शहर के बेली अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोमवार की रात छात्र के हाथ का किया गया। अधिवक्ता वैभव की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी प्रबंधक मदन वशिष्ठ, प्रधानाचार्य विमला वशिष्ठ तथा शिक्षक अजय के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इंसपेक्टर सुरेंद्रनाथ ने बताया कि स्कूल में पिटाई से छात्र का हाथ टूट गया था। मामले की रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।