इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पदाधिकारियों और अन्य छात्रों ने उन्नाव में हुई घटना के विरोध में बुधवार का प्रदेश सरकार के पुतले की शवयात्रा निकाली और पुतला फूंका। हालांकि इस बीच पुलिस और छात्रों के बीच पुतले को लेकर छीना झपटी भी हुई, लेकिन छात्रों ने पुतला फूंक दिया।
छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश यादव के नेतृत्व में छात्रों ने इविवि परिसर में प्रदेश सरकार के पुतले की शवयात्रा निकाली। छात्रों ने उन्नाव में हुई घटना की न्यायिक जांच के साथ दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने और आर्थिक मदद मुहैया कराने की मांग भी उठाई। शवयात्रा निकाल रहे छात्र जब इविवि के छात्रसंघ भवन गेट से सड़क ओर बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया और पुतला छीनने की कोशिश की। दोनों में छीना झपटी शुरू हो गई। हालांकि छात्रों ने पुतला फूंका दिया। इस दौरान छात्रनेता अविनाश विद्यार्थी, सतीश यादव, अखिलेश गुप्ता, राघवेंद्र यादव, उदय यादव, अनुज चंद्रा, मृत्युंजय सिंह यादव, धीरज यादव, भरत सिंह, रोहित यादव, विजयकांत आदि मौजूद रहे।
विश्वविद्यालयों में शिक्षक भर्ती के लिए निर्धारित आरक्षण रोस्टर प्रणाली और 62 विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता के खिलाफ प्रगतिशील छात्र संगठनों ने बुधवार को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) का पुतला फूंका।
छात्रों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विभागवार आरक्षण रोस्टर प्रणाली लागू कर आरक्षित वर्ग को उच्चशिक्षा से बेदखल करना चाहती है। वहीं, 62 विश्वविद्यालयों को स्वायत्तता के नाम पर शिक्षा का बाजारीकरण करना चाहती है। आरोप लगाया कि मोदी सरकार दलित, आदिवासी, पिछड़ा, अल्पसंख्यक एवं महिला विरोधी हैं। पुतला फूंकने वालों में आईसीएम के रामचंद्र, आइसा के शक्ति, दिशा छात्र संगठन की अंजली, डीएसए के सुनील यादव, डीएसओ के भीम सिंह चंदेल, सीवाईएसएस के पवन गुप्ता, एसएफआई के रत्नेश यादव आदि शामिल रहे।