शहर के अल्लापुर इलाके में शनिवार रात घर के भीतर पूर्व सीओ रामजी मिश्रा के पुत्र अमित मिश्रा (35) की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। पत्नी का कहना है कि झगड़े के बाद अमित ने फांसी लगा ली थी। परिजन निजी अस्पताल ले गए लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। बुधवार को डॉक्टरों ने शव का पोस्टमार्टम किया तो गला दबाकर कत्ल की बात सामने आई। पुलिस अधिकारियों ने भी मौके पर जांच और निरीक्षण किया मगर अभी कातिलों के बारे में पता नहीं चल सका है। अमित के चाचा विजय मिश्रा ज्ञानपुर के विधायक हैं। हत्याकांड की जांच में दो ट्रेनी आईपीएस को खासतौर पर लगाया गया है ताकि राजफाश जल्द हो सके।
मूल रूप से सैदाबाद में खपटिहा गांव निवासी सीओ रामजी मिश्रा 2007 में पुलिस विभाग से रिटायर हुए हैं। उनके छह बेटों में अमित पांचवें नंबर पर था। दो बेटे गांव में बस गए हैं जबकि चार पुत्र शहर के अल्लापुर में कुंदन गेस्ट हाउस से कुछ दूर स्थित मकान में पिता के साथ ही रहते हैं। बीएचएस से इंटरमीडिएट और सीएमपी कॉलेज से बीकॉम करने के बाद अमित ने कुछ महीने तक एक फर्म में नौकरी की थी लेकिन फिलहाल वह किसी रोजगार से नहीं जुड़ा था। वह परिवार सहित मकान के निचले हिस्से में रहता था। उसके दो बेटे हैं। आठ साल का यशस्वी और तीन साल का राजेश्वरी। शराब की लत के चलते पत्नी रुशाली से रोज ही उसका झगड़ा होता था। पिछले दो दिन से उन दोनों में लगातार झड़प हो रही थी। मंगलवार देर रात अमित घर लौटा तो पत्नी से उसका झगड़ा होने लगा। रात करीब डेढ़ बजे रुशाली के रोने की आवाज सुनकर बडे़ भाई सतीश ने पत्नी को भेजा तो कमरे में रुशाली फर्श पर बेसुध पड़े अमित के पास बैठी थी। उसने कहा कि अमित ने फांसी लगा ली है।
सतीश के साथ ही बाकी दो भाई राहुल और आशीष भी आ गए। अमित को नजदीकी हॉस्पिटल ले जाया लेकिन उसकी सांस थम चुकी थी। पुलिस पहुंची और शव को सीलकर चीरघर भेज दिया। घटना की जानकारी पाकर अमित के चाचा विधायक विजय मिश्रा समेत तमाम रिश्तेदार जुट गए। दोपहर में अमित के शव का डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया तो पता चला कि उसे गला दबाकर मारा गया था। विसरा भी सुरक्षित रखा गया। एसपी सिटी विपिन टाडा ने ट्रेनी आईपीएस सीओ दारागंज गणेश साहा और सीओ बैरहना विनीत जायसवाल को मौके पर भेजा। दोनों अधिकारियों ने पत्नी से बात की और भाइयों से घटना की जानकारी ली। कमरे का निरीक्षण किया। गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी चेक की गई जिससे पता चल सके कि कोई बाहरी व्यक्ति तो नहीं आया था। मगर हत्याकांड में रहस्य बना है।
जार्जटाउन थानाध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने अमित के बड़े पुत्र आठ वर्षीय यशस्वी से घटना के बारे में बात की। उसके बयान की वीडियो रिकार्डिंग भी की। यशस्वी ने कहा कि पापा घर आए तो मम्मी से झगड़ा होने लगा। वह शराब पीकर आए थे। शराब की वजह से ही रोज मम्मी से मारपीट करते थे। यशस्वी ने कहा कि वह मम्मी के साथ दूसरे कमरे में सोने चला गया। कुछ देर बाद मम्मी उठकर पापा वाले कमरे में गई। यशस्वी के मुताबिक उसने देखा नहीं, मगर मम्मी ने बताया कि पापा ने बेड पर कुर्सी रखकर चुल्ले में दुपट्टा बांध फांसी लगा ली थी। मम्मी ने पापा को कुर्सी पर खड़ा देखा तो टोका कि अब तक फांसी नहीं लगाए क्या? फिर मम्मी ने पापा को उतारा और चाचा लोग उन्हें अस्पताल ले गए। हालांकि यशस्वी ने फांसी वाला सीन देखा नहीं। पत्नी रुशाली ने भी यही बयान दिया है कि झगड़े के दौरान बार-बार अमित ने कहा कि वह आज फांसी लगाकर मर जाएगा। जब वह कुछ देर बाद उस कमरे में आई तो अमित को फांसी पर लटका देखा। उसने हाथ पकड़ खींचा तो फंदा खुलने से अमित कुर्सी से गिर गया। पुलिस के अनुसार पत्नी रुशाली से अलग से पूछताछ की जाएगी। उन दोनों का ब्याह 2009 में हुआ था।