कैंट के बेली गांव इलाके में रविवार शाम सिपाही के बेटी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वह इंटर की छात्रा थी। शाम को मां और भाई लौटे तो दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की से देखा तो अंदर कमरे में छात्रा का शव फांसी के फंदे पर झूल रहा था। घर में कोहराम मच गया। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा गया। घरवालों के मुताबिक डिप्रेशन में उसने ऐसा कदम उठाया है।
महोबा जिले के रहने वाले नेतराम सिंह सिपाही हैं। इन दिनों उनकी पोस्टिंग प्रतापगढ़ जनपद के हथिगवां थाने में है। उनका परिवार यहां बेली गांव में किराए पर रहता है। नेतराम के एक बेटी और दो बेटे हैं। बेटी नेहा सिंह (18) इंटर की छात्रा थी। रविवार शाम को नेतराम की पत्नी बाजार चली गई। बच्चे घर में थे। नेहा ने दोनों छोटे भाईयों को बहाने से सामान लाने के लिए बाहर भेज दिया। कुछ देर बाद मां और भाई लौटे तो दरवाजा अंदर से बंद था।
आवाज देने पर भी नेहा ने दरवाजा नहीं खोला तो खिड़की से देखा। अंदर का नजारा देखकर घरवाले चीख पड़े। शोरगुल सुनकर मोहल्ले वाले भागकर पहुंचे। दरवाजा तोड़कर नेहा के शव को नीचे उतारा गया तो उसकी सांस थम चुकी थी। नेहा की मौत से घरवालों को गहरा सदमा लगा है। सीओ आलोक मिश्र के मुताबिक घरवालों ने बताया कि वह कुछ समय से डिप्रेशन का शिकार थी। आशंका है कि इसी वजह से उसने सुसाइड किया।