अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव हत्याकांड में दूसरे शूटर रईस की तलाश में गुरुवार को सोरांव समेत गंगापार के कई इलाकों में घेरेबंदी कर दबिश दी गई। अंजनी भी झूंसी का रहने वाला है। उसकी भी लोकेशन गंगापार के एक इलाके में आखिरी बार मिली थी। इस मामले में गिरफ्तार शूटर को साथ लेकर वाराणसी एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने देर रात एक गांव में घेरेबंदी भी की थी।
एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव की हत्या में शामिल शूटर रईस के गंगापार के सोरांव इलाके में होने की सूचना के बाद छापेमारी की गई। दरअसल, शमशाद को प्रतापगढ़ में पकड़ने के बाद पुलिस रईस के घर पहुंच गई थी, लेकिन वह नहीं मिला। उसके एक रिश्तेदार को पकड़कर पूछताछ की गई। पता चला कि उसने गंगापार के सोरांव में एक रिश्तेदार के घर पनाह ली है। रईस के रिश्तेदार को लेकर एसटीएफ गुरुवार को सोरांव पहुंची। स्थानीय पुलिस को भी साथ में लिया गया था। पकड़े गए शूटर विशाल प्रजापति को भी साथ लेकर रईस के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। एसटीएफ की टीम ने एक गांव में देर रात घेरेबंदी भी की थी। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि उसे पकड़ लिया गया है। हालांकि, इस बात की किसी ने पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि पुलिस शूटरों के काफी पास पहुंच गई है।
उधर, होटल मालिक प्रदीप जायसवाल के करीबी घनश्याम और अंजनी श्रीवास्तव को पकड़ने के लिए भी लगातार दबिश दी जा रही है। अंजनी शातिर अपराधी है। वह झूंसी का रहने वाला है। झूंसी समेत कई जगह पर उसकी तलाश में दबिश दी गई, हालांकि उसके दोनों मोबाइल बंद हैं। गंगापार इलाके में ही उसकी अंतिम लोकेशन मिली थी। पुलिस उसी आधार पर छापेमारी कर रही है। इस मामले में एसएसपी नितिन तिवारी से कई बार संपर्क किया गया, लेकिन देर रात तक उनसे बात नहीं हो पाई थी।
एसटीएफ वाराणसी ने अधिवक्ता हत्याकांड से पर्दा उठा दिया है। इसकी सबसे बड़ी वजह रही शमशाद का पकड़ा जाना। दरअसल, घटना के दूसरे या तीसरे दिन से ही शमशाद पुलिस और एसटीएफ के संदेह के घेरे में आ गया था। पल्सर बाइक मिलने के बाद तो काफी कुछ साफ हो गया था। एसटीएफ वाराणसी के एक अधिकारी पहले प्रतापगढ़ में तैनात रहे हैं। सबसे पहले शमशाद के बारे में उनको ही लीड मिली। शमशाद के मिलने के बाद तमाम नाम सामने आए और मामले का खुलासा हो गया।