अधिवक्ता लाल बचन सोनी हत्याकांड में फरार चल रहे दोनों शूटर गिरफ्तार कर लिए गए हैं। रविवार को पुलिस ने यह जानकारी देते हुए बताया कि दोनों शातिर अपराधी हैं और उन पर पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब मामले में फरार चल रहे तीन बदमाशों की तलाश में जुटी है।
कौड़िहार नवाबगंज के रहने वाले अधिवक्ता लाल बचन की नवाबगंज हाईवे पर 25 जून को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों की तहरीर पर गद्दोपुर निवासी सदाशिव यादव उर्फ छोटे बच्चा तथा अन्य को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज की गई थी। शनिवार को सदाशिव उर्फ छोटे बच्चा, उंचवागढ़ी के हरीशचंद्र गुप्ता, मुबारकपुर के दानिश, सदाशिव की पत्नी कंचन और अकबरपुर के रमेश पासी की पत्नी राधा देवी को गिरफ्तार कर पुलिस ने खुलासे का दावा किया था। साथ ही बताया था कि अधिवक्ता को गोली शूटर रवि कनौजिया निवासी मुंडेरा और रजनीकांत पासी निवासी स्वराज नगर शिवकुटी ने मारी थी। इन दोनों के अलावा हत्या में रमेश पासी, रामनरेश यादव उर्फ नेता निवासी मूसेपुर और हाशिम बाबा निवासी गंगागंज भी शामिल थे। एसएसपी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रविवार को नवाबगंज के चफरी रोड स्थित रामजानकी मंदिर से दोनों शूटरों रवि कनौजिया और रजनीकांत को गिरफ्तार लिया। उनके पास से दो तमंचा, पांच कारतूस व लाल रंग की पल्सर मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।
पुलिस के मुताबिक पकड़े गए शूटरोें ने पूछताछ में बताया है कि उन्हें अधिवक्ता की हत्या के एवज में दो लाख रुपये के साथ ही जमीन देने का भी वादा किया गया था। हत्या के लिए सदाशिव ने रमेश, रामनरेश व हाशिम से संपर्क किया। इसके बाद वह तीनों हरीशचंद्र गुप्ता व दानिश से मिले जिन्होंने दोनों शूटरों से हत्या के लिए सौदा तय किया। पुलिस की मानें तो शूटरों ने पूछताछ में यह भी बताया है कि वारदात वाले दिन सुबह सात बजे से ही दोनों हाईवे पर पहुंच गए थे। दो-तीन घंटे के इंतजार के बाद अधिवक्ता लालबचन 10.15 के करीब सोरांव की ओर जाते दिखे। इसके बाद पीठ पर गोली मारकर दोनों शूटर वहां से भाग निकले थे।
एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए दोनों शूटर शातिर अपराधी हैं। उन पर हत्या, हत्या का प्रयास जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। इनमें से रजनीकांत पर कुल 22 जबकि रवि कनौजिया पर 14 मुकदमे दर्ज हैं। दोनों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस ने बताया कि दोनों करीब सात-आठ साल से साथ मिलकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
कुछ बड़ी वारदातेें, जो शूटरों ने दी अंजाम
2013 में दोनों ने अपने कुछ साथियों संग मिलकर शिवकुटी क्षेत्र से गोरे यादव नामक युवक को अगवा कर उसकी हत्या कर दी थी। साथ ही शव भी गायब कर दिया था।
2011 में कीडगंज निवासी व्यापारी सुरेश अग्रहरि की सुल्तानपुर ले जाकर कर दी थी हत्या
2011 में ही प्रीतमनगर निवासी एक व्यपारी को उतारा था मौत के घाट
2015 में थरवई स्थित पेट्रोलपंप से 10 लाख रुपये की लूट की घटना
(पुलिस की मानें तो इसके अलावा दोनों ने मिर्जापुर समेत कुछ अन्य जनपदों में भी घटनाएं अंजाम देने की बात कबूली है, जिसके बारे में तफ्तीश की जा रही है)
वारदात के बाद चलाने लगता था फास्ट फूट स्टाल
एसपी गंगापार सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पकड़े गए दोनों शूटर बेहद शातिर हैं। इनमें से रवि वाराणसी के लहरतारा इलाके में फास्ट फूट स्टाल चलाने का काम करता है। खास बात यह कि सुपारी मिलने पर वह कुछ दिनों के लिए स्टाल बंद कर वारदात को अंजाम देता था। इसके बाद फिर से स्टाल चलाने लगता था। उधर रजनीकांत ने गोरखपुर और आजमगढ़ में अपने ठिकाने बना रखे थे। अधिवक्ता की हत्या के बाद रवि ने वाराणसी तो रजनीकांत ने आजमगढ़, गोरखपुर में ही फरारी काटी।