बांदा मार्ग पर यमुनापार के बारा इलाके में रविवार दोपहर बाइक सवार की गलती से जानलेवा हादसा हो गया। बाइक अचानक रुकने पर पीछे आ रही स्कार्पियो के ड्राइवर ने भी ब्रेक लगाई तभी पीछे से आ रही बस ने उसमें टक्कर मार दी। इसके बाद स्कार्पियो बाइक समेत दो लोगों को टक्कर मारते हुए चाय की दुकान में जा घुसी। वहां मौजूद छात्र रोहित कनौजिया (21) की कुचलने से मौत हो गई। दो लोग घायल हुए जिन्हें अस्पताल ले जाया गया। लोगों ने स्कार्पियो और बस ड्राइवर को पकड़ लिया। चक्काजाम कर बस जलाने की कोशिश की गई। हालांकि, पुलिस नेे किसी तरह स्थिति संभाल ली।
रविवार दोपहर करीब एक बजे की घटना है। शंकरगढ़ की तरफ से आ रहे बाइक सवार दीपक कुमार (47) ने बारा इलाके में सेंहुड़ा मोड़ के पास अचानक गाड़ी रोक दी। वहीं पीछे से आ रही स्कार्पियो के ड्राइवर ने भी तेजी से ब्रेक लगाई तो उसमें पीछे से रोडवेज बस ने जोरदार टक्कर मार दी। स्कार्पियो बेकाबू होकर बाइक सवार दीपक (47) तथा सड़क किनारे खड़े मैजिक ड्राइवर गणेश कुमार (42) को चपेट में लेते हुए राजेंद्र केसरवानी की चाय-नाश्ता की दुकान में जा घुसी। दुकान पूरी तरह तबाह हो गई। वहां चाय पी रहे रोहित कनौजिया (21) को स्कार्पियो ने कुचल दिया। आसपास मौजूद लोग भागकर वहां आए। स्कार्पियो चला रहे उदय प्रताप समेत बाकी तीन लोगों को पकड़ लिया। वे सभी सुरक्षित थे। पुलिस भी पहुंच गई। घायल बाइक सवार नैनी निवासी दीपक और कौंधियारा के गणेश कुमार को अस्पताल भेजा गया।
दुकान में स्कार्पियो से कुचलकर रोहित की मौत हो गई थी। वह बवंधर गांव निवासी किसान झल्लर कनौजिया का पुत्र था। रोहित नैनी के एक कंप्यूटर इंस्टीटयूट में पढ़ाई करने जाता था। उसके परिजन भी आ गए। पुलिस ने स्कार्पियो चालक उदय प्रताप और बस ड्राइवर सुरेंद्र कुमार को हिरासत में ले लिया। उदय प्रताप ने बताया कि वह अपने मित्र की शादी में मऊ गया था। वहीं से लौट रहा था तभी यह हादसा हो गया। गुस्साए लोगों ने मृतक के परिजनों को प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग करते हुए चक्काजाम कर दिया। बस में भी आग लगाने की कोशिश की तो कई थानों से जुटी पुलिस फोर्स ने किसी तरह भीड़ को संभाला। आधे घंटे बाद पुलिस के समझाने पर लोग शांत हुए तो शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। बस और स्कार्पियो को पुलिस बारा थाने ले गई।
बारा में बंवधर गांव निवासी झल्लर कनौजिया के चार पुत्रों में दूसरे नंबर का रोहित रोज नैनी में कंप्यूटर सेंटर में पढ़ाई करने जाता था। रविवार को भी वह घर से निकला था, तभी सेहुड़ा में दोस्त हंसराज मिला तो उसके साथ चाय की दुकान में बैठ गया। तभी यह हादसा हो गया। घर से निकलने के कुछ देर बाद इस अनहोनी की खबर मिली तो परिजनों को पहले भरोसा ही नहीं हुआ। वे मौके पर पहुंचे तो मालूम हुआ कि रोहित हकीकत में नहीं रहा। वे रोने-कलपने लगे। पिता झल्लर को लोगों ने संभाला। रोहित का दोस्त हंसराज भी उसे अपनी आंखों के सामने दम तोड़तेे देख बदहवास था।