इलाहाबाद विश्वविद्यालय के क्लास रूम में घुसकर छात्र नागेंद्र सिंह को गोली मारने वाला सरदार सिंह रविवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। कर्नलगंज एसओ सत्येंद्र सिंह की अगुवाई में गठित टीम ने उसे मजार तिराहे से गिरफ्तार किया। उसके पास से 32 बोर की एक पिस्टल एवं दो जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं।
एसपी सिटी सिद्घार्थ शंकर मीणा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि अभियुक्त के खिलाफ पहले से भी छह मामले दर्ज हैं। सरदार ने गोली मारने के पीछे अपनी पुरानी रंजिश को वजह बताया। कहा, नागेंद्र आदि ने उसके खिलाफ 2011 में फर्जी तरीके से मुकदमा लिखवाया था। जिसमें उसको और उसके दोस्तों को काफी परेशान किया गया। इन सबके चलते उसे इलाहाबाद छोड़कर दिल्ली जाने को मजबूर होना पड़ा।
उसके दोस्त और नागेंद्र इसका हमेशा ताना मारते थे। यह उसे नागवार गुजरता था। दोस्तों के कमेंट जब बंद नहीं हुए तब खुद को साबित करने के लिए नागेंद्र से बदला चुकाने की ठानी। एक पखवारे पहले वह दिल्ली से आरओ-एआरओ की परीक्षा देने यहां आया था। इसी बीच उसे हॉस्टल से हथियार मिल गया। सटीक मौका देख उसने बदला चुकाना ठान लिया। सरदार के मुताबिक वह केपीयूसी के एक और छात्र से भी अपना बदला पूरा करना चाहता था लेकिन वह मौके पर नहीं मिला। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आज उसे कोर्ट के सामने पेश करेगी। बता दें, 8 अप्रैल को दर्शन शास्त्र के छात्र नागेंद्र सिंह को विभाग में घुसकर गोली मार दी गई थी। नागेंद्र का अभी भी इलाज चल रहा है।