आबकारी कॉलोनी में नोटों भरा कुकर मिलने के मामले में हो रही जांच में यह पुष्ट हो गया है कि उसमें 7.93 लाख रुपये से ज्यादा की रकम थी। सूत्रों के मुताबिक सीओ ने जांच पूरी करके रिपोर्ट एसएसपी कार्यालय को भेज दी गई है हालांकि, यह रकम कुल कितनी थी, इस बारे में अभी सटीक मालूम नहीं चल सका है। वहीं, आबकारी अधिकारी अब भी इस बारे में खुलकर कुछ बोलने को राजी नहीं हैं।
21 जुलाई को राजापुर स्थित आबकारी विभाग कॉलोनी में सहायक एल्कोहल टेकभनोलॉजिस्ट दीपक रस्तोगी के सरकारी क्वार्टर के पीछे बने गैरेज में नोटों से भरा कुकर मिला था। कुकर मिलने पर पहले इसमें करीब 30 लाख रुपये होने की कही गई लेकिन, जब पुलिस पहुंची तब उसमें सिर्फ 7.93 लाख रुपये निकले। इतना कम पैसा होने पर पुलिस ने आबकारीकर्मियों पर शक जताया। आसपास मौजूद दूसरे लोगों से जब पूछताछ हुई तब बताया गया कि पुलिस के आने से पहले रुपयों की गिनती कराई गई थी। इस बात को वहां मौजूद आबकारी कर्मी गोल कर गए थे। मामले को संदिग्ध देखते हुए इसकी जांच सीओ सिविल लाइंस श्रीश्चंद्र को सौंपी गई। आबकारी कर्मियों एवं अधिकारियों से पूछताछ के बाद सीओ ने अपनी जांच रिपोर्ट में मौके पर मिले रुपयों से अधिक रुपयों के कुकर में होने की पुष्टि की है हालांकि, पुलिस के अलावा आबकारी विभाग भी इस मामले की अलग जांच करा रहा है मगर अभी यह जांच पूरी नहीं हुई है। आबकारी अपर आयुक्त प्रशासन ओपी आर्या का कहना है कि जांच में कुछ लोगों के बयान लिए गए हैं। जल्द ही जांच पूरी करके आबकारी आयुक्त को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
अगर पुलिस की जांच रिपोर्ट पर यकीन करें तब रुपयों से भरे कुकर से पैसा गायब करने का खेल सिर्फ आधे घंटे के भीतर ही खेला गया। सूत्रों का कहना है गैराज से इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद वहां मौजूद आबकारी कर्मियों ने दोपहर को इसकी सूचना सबसे पहले आबकारी आयुक्त को दी। उसके बाद जिलाधिकारी के मार्फत यह सूचना एसएसपी तक पहुंची। इन सबके बीच करीब आधे घंटे बीत गए। एसएसपी के आदेश के बाद जब कैंट पुलिस मौके पर पहुंची तब कुकर में सिर्फ 7.93 लाख रुपये ही मिले।