आरपीएफ में नौकरी दिलाने के नाम पर एक फर्जी असिस्टेंट कमांडर (सहायक सुरक्षा आयुक्त) बृहस्पतिवार को जानसेनगंज के एक होटल से पकड़ा गया। आरोप है कि उसने आरपीएफ में नौकरी दिलाने के नाम पर 20 युवकों से रुपये भी वसूले। गिरफ्तारी के वक्त उसने आरपीएफ की वर्दी भी पहन रखी थी। इलाहाबाद जंक्शन की आरपीएफ द्वारा लिखापढ़ी के बाद आरोपी युवक जीआरपी को सौंप दिया गया।
दरअसल बृहस्पतिवार को जुवैर निवासी पलवल हरियाणा, विनीत कुमार सिंह निवासी जौनपुर जंक्शन स्थित आरपीएफ पोस्ट पर आए। दोनों युवक आरपीएफ कमांडर आरके सिंह के बारे में पूछताछ करने लगे। यहां इस नाम का कोई अफसर न होने की बात कही गई। इस पर युवकों ने बताया कि संबंधित व्यक्ति जानसेनगंज स्थित एक होटल में रुका हुआ है। यह सूचना मिलते ही आरपीएफ की टीम दोनों युवकों को लेकर संबंधित होटल पहुंच गई।
वहां राकेश कुमार सिंह निवासी बक्सर को एक रूम से पकड़ा गया। पूछताछ की गई तो उसने कबूला कि वह आरपीएफ में नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों से रुपये वसूलता है। आरपीएफ के जंक्शन प्रभारी पीके राणा के मुताबिक राकेश ने 20 लोगों से 50-50 हजार रुपये की डिमांड की थी। तकरीबन दो लाख रुपये उसने युवकों से वसूल भी लिए थे। उसने यहां 20 लोगों को टेस्ट देने के लिए बुलाया था। इसके लिए वह वर्दी लेकर भी आया था। फिलहाल लिखापढ़ी के बाद उसे जीआरपी इलाहाबाद को सौंप दिया गया है।