जितेंद्र पटेल हत्याकांड में नाम सामने आने के बाद से राजूपाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की मुश्किलें बढ़ी हैं। हालांकि पुलिस अभी उमेश पाल की गिरफ्तारी का इरादा नहीं है। इसके बाद भी उमेश पाल पुलिस से बच रहे हैं। पुलिस अन्य आरोपियों और हत्याकांड को अंजाम देने वाले बदमाशों को गिरफ्तार क रने के बाद ही कोई कदम आगे बढ़ाएगी। उधर, बृहस्पतिवार रात उमेश पाल के घर का अज्ञात बदमाश सीसीटीवी का कैमरा तोड़ दिया। उनकी मां ने इस मामले की तहरीर धूमनगंज थाने में दी है। उन्होंने पुलिस अफसरों से शिकायत कर धूमनगंज पुलिस द्वारा परेशान किए जाने का आरोप भी लगाया है।
विधायक राजूपाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल धूमनगंज में जयंतीपुर सुलेमसराय जीटी रोड पर परिवार समेत रहते हैं। उन्होंने घर के बाहर सुरक्षा के लिहाज से दो सीसीटीवी कैमरे लगवाएं हैं। एक कैमरा गेट पर और दूसरा घर के बाहर पेड़ पर लगा है। बृहस्पतिवार रात लगभग डेढ़ बजे हेलमेट पहने एक शख्स आता है। वह उमेश के घर के गेट पर लगे कैमरे को पत्थर से तोड़ देता है। बदमाश की नजर पेड़ पर नहीं जाती है। जिसके चलती उसकी करतूत कैमरे में कैद हो जाती है। वह कै मरा तोड़ने के बाद हेलमेट उतार लेता है।
तभी धूमनगंज थाने की जीप उधर से गुजरती है तो वह छिप जाता है। पुलिस के जाने के बाद वह दोबारा कैमरा तोड़ता है। घरवालों को सुबह मामले की जानकारी हुई तो उमेश की मां शांति पाल धूमनगंज थाने में जानकारी अज्ञात बदमाश के खिलाफ फुटेज के साथ तहरीर दी। शांति पाल का आरोप है कि एक दिन पहले धूमनगंज इंस्पेक्टर ने घर आकर धमकाया था कि उमेश को मिली सुरक्षा वापस ले ली जाएगी। वहीं इसकी जानकारी विधायक पूजा पाल को हुई तो उन्होंने पुलिस अफसरों से शिकायत की है। उमेश के परिजनों का कहना है कि उन्हें जबरन हत्याकांड में फंसाने की साजिश हुई है। उमेश की 16 को गवाही है। जिसके चलते विरोधी यह सब कुचक्र रच रहे हैं।