कचहरी डाकघर में हुए हंगामे के दौरान दो घंटे तक लोग दहशत में रहे। इस दौरान आसपास के कारोबारी तो दुकान बंद कर भाग ही निकले, राहगीर भी सांसत में रहे। भीड़ में शामिल कुछ उपद्रवियों ने आने-जाने वालों को भी पीटा। दो इलेक्ट्रानिक मीडियाकर्मियों से भी अभद्रता की। पूरे समय पुलिस बैकफुट पर ही नजर आई।
कचहरी डाकघर में बवाल 3.30 बजे के आसपास शुरू हुआ। बड़ी संख्या में वकीलों को जुटता देख वहां मौजूद दुकानदार व अन्य लोग खौफजदा हो गए। आक्रोशित वकीलों ने डाकघर को घेर लिया तो अनहोनी की आशंका के चलते लोग दहशत में आ गए। काम से डाकघर पहुंचे लोग भी जान बचाकर भागे। कुछ लोग तो आधे रास्ते ही वापस हो लिए। उधर खौफजदा कारोबारियों ने दुकानें बंद कर दीं। हंगामे के दौरान भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने राहगीरों से भी अभद्रता की। एसएसपी व वकीलों में डाकघर के सामने वाली रोड पर बातचीत चल ही रही थी कि तभी वहां से महिला व बच्ची को लेकर जा रहे ई-रिक्शा चालक को पीट दिया गया। वहीं, कवरेज के लिए पहुंचे दो इलेक्ट्रानिक मीडियाकर्मियों से भी अभद्रता की गई। कुछ अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि सीओ ने वकीलों के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसे लेकर उन्होंने नाराजगी भी जताई। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने समझाकर उन्हें शांत कराया। खास बात यह है कि इस प्रकरण के दौरान पुलिस पूरे समय बैकफुट पर ही नजर आई।
बवाल की सूचना मिली तो पुलिस अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। आननफानन में वायरलेस पर मैसेज प्रसारित किया गया। आगजनी की सूचना पर तीन अन्य थानों की फोर्स भी बुला ली गई। सीओ सिविल लाइंस भी कैंट व सिविल लाइंस की फोर्स लेकर पहुंचे। उधर कोतवाली इंस्पेक्टर भी आ गए। घटना के दौरान आनंद अस्पताल चौराहे से कचहरी रोड व पुलिस ऑफिस से कचहरी रोड की तरफ कुछ देर के लिए बड़े वाहनों का आवागमन भी रोक दिया गया। मामला शांत होने के बाद यातायात बहाल कर दिया गया।