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मुठभेड़ में जोड़

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दो साल में सातवीं बार मुठभेड़, फिर पैर में लगी गोली
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19 मई 2016 को मुठभेड़ में मारा गया था दो लाख का इनामी धर्मेंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पिछले दो वर्षों में गोरखपुर पुलिस की यह सातवीं वह मुठभेड़ है, जिसमें बदमाश को पैर में गोली लगी है। शनिवार की तड़के सुबह हुए मुठभेड़ में मिथुन पुलिस को तीसरी बार चकमा देकर फरार होने में सफल रहा है। पुलिस के हाथ सिर्फ उसका एक साथी ही लगा। दो वर्ष पूर्व 19 मई 2016 को खोराबार के रामनगर करजहां के पास दो लाख के इनामी बदमाश आजमगढ़ निवासी धर्मेंद्र सिंह एसटीएफ से हुई मुठभेड़ में मारा गया था। इसके बाद मुठभेड़ तो कई बार हुए लेकिन गोली पैर पर ही लगी।
4 मई 2017 को खोराबार के सहारा स्टेट में पुलिस से हुई मुठभेड़ में मंझरिया बिस्टौल निवासी अमित के पैर में गोली लगी।
1 दिसंबर 2017 को खोराबार के विनोद वन में मिथुन पासवान से पुलिस की मुठभेड़ हुई, इसमें उसके दो साथियों सुजीत और मनीष को पैर में गोली लगी।
2 फरवरी 2018 को खोराबार के कुसम्ही जंगल में हुई मुठभेड़ में रंगदारी न देने पर व्यापारी दिनेश गुप्ता के हत्यारोपी 50 हजार के इनामी मनोज यादव और मनीष के पैर में गोली लगी।
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25 जुलाई 2018 को पुलिस मुठभेड़ में डिप्टी रेंजर को गोली मारने वाले इनामी बदमाश वन तस्कर शिवशरन के पैर में गोली लगी।
23 अगस्त 2018 को कैंपियरगंज के रामपुर जंगल में मुठभेड़ में इनामी बदमाश राकेश के पैर में गोली लगी। सिपाही भी घायल।
14 अक्तूबर 2018 में रौतेनिया में मिथुन से पुलिस की मुठभेड़, जिसमें मिथुन और धीरू पुलिस को घायल कर फरार हो गए।
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मिथुन और धीरू पर एक-एक लाख रुपये का इनाम होगा
पुलिस पर हमले के मुख्य आरोपी मिथुन और धीरू पर इनाम बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी गई है। दोनों पर वर्तमान में 50-50 हजार का इनाम है। शनिवार को फिर पुलिस पर फायरिंग कर भागने के बाद एसएसपी शलभ माथुर ने इनाम बढ़ाने की सिफारिश कर एडीजी दावा शेरपा के पास फाइल भेज दी है। जल्द ही दोनों एक-एक लाख रुपये के इनामी हो जाएंगे।
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मिथुन और उनके साथियों का है चोरी का गिरोह
मिथुन और उसके साथियों का चोरी का गिरोह पुलिस के रिकार्ड में डी-3 के रूप में कैं ट थाने में पंजीकृत है। इस गिरोह में रामप्रीत उर्फ चिरइया, धीरज पासवान, सतीश हरिजन, दत्तू पासवान, जुगनू पासवान, धीरू पासवान, मिथुन पासवान और भीम पासवान शामिल हैं। रौतेनिया में पुलिस में हमले के आरोप में चिरइया और विकास को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। मिथुन पहले चोरी करता था, धीरे धीरे वह और लोगों के साथ मिलकर फोरलेन पर लूट करने लगा। इसका एक और गिरोह लूट कर है। जिसमें मनीष और सुजीत भी शामिल हैं।
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