नाव हादसे में चार लोगों के लापता होने के बाद हंडिया के टेला घाट और मेजा के मदरा घाट पर हर ओर चीख पुकार और अफरातफरी का आलम रहा। नाविक ने चंद पैसों के लालच में छोटी नाव में सिर्फ 16 लोगों को बिठा लिया गया बल्कि पांच बाइक और पांच साइकिल भी लाद ली गई। देर रात तक मदरा गांव के तमाम लोग पुलिस के साथ राहत काम में जुटे रहे। गोताखोरों के साथ कई युवकों ने नदी में लापता लोगों की खोजबीन की।
टेला घाट और मदरा घाट हंडिया और मेजा इलाकों को जोड़ते हैं। इन दोनों घाटों से प्रतिदिन सैकड़ों लोग अलग अलग नावों से नदी पार करते हैं। बड़ी संख्या में आवाजाही को देखते हुए जब पांटून पुल नहीं होता तो वहां स्टीमर सेवा चलती है। आज भी स्टीमर से लोगों ने दिन में कई बार नदी पार की लेकिन शाम को बीच नदी में ही स्टीमर खराब हो गई। ठेकेदार ने मदरा घाट से नाव बुलाकर स्टीमर में सवार लोगों को उतारकर मदरा घाट पहुंचाया था। इसके बाद भी तमाम लोग मदरा घाट जाने को तैयार बैठे थे, इसी कारण दोबारा मदरा घाट से एक नाव बुलाई गई थी ताकि वह लोगों को छोड़ सके। शनिवार होने की वजह से भीड़ ज्यादा थी और नाविक ने चंद पैसों के लालच में 16 लोगों को बिठा लिया, साथ ही पांच बाइक और पांच साइकिलों को भी लाद लिया। उसने तो दो और लोगों को नाव पर बिठा लिया था लेकिन नाव का हाल देखकर राम प्रकाश और शंकरलाल उतर आए थे। मेजा इंस्पेक्टर ने बताया कि नाविक घटना के बाद से भाग निकला है। उसकी खोजबीन की जा रही है।