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मरीज की मौत से दोनइया में बवाल

Mon, 14 Sep 2015 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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बहरिया। दोनइया स्थित एक नर्सिंगहोम में आपरेशन के दौरान एक मरीज की मौत होने से बवाल हो गया। आक्रोशित लोगों ने शव को चौराहे पर रख कर जाम लगा दिया। मरीज के परिजन डाक्टरों पर लापरवाही बरतने और मौत के बाद भी गुमराह करने का आरोप लगा रहे थे। जाम की सूचना पर थानाध्यक्ष बहरिया पुलिस बल के साथ पहुंचे और लोगों से हटने को कहा। लेकिन लोग मौके पर डीएम, एसएसपी और सीएमओ को बुलाने की मांग कर रहे थे। करीब दो घंटे बाद एसडीएम फूलपुर, एसपी गंगापार और सीओ फूलपुर मौके पर पहुंचे और किसी तरह लोगों को समझा-बुझा कर सड़क से हटाया। इस दौरान आवागमन बाधित रहा।
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बहरिया थाना क्षेत्र के भवानापुर निवासी अशोक कुमार पटेल (28) पुत्र रामश्रृंगार शनिवार को हार्निया के आपरेशन के लिए बहरिया के दोनइया चौराहा स्थित एक नर्सिंगहोम में भर्ती हुआ। देर शाम दो डाक्टरों ने मिल कर उसका आपरेशन किया। लेकिन आपरेशन के दौरान ही अशोक कुमार की मौत हो गई। अशोक की मौत से आपरेशन करने वाले डाक्टर और नर्सिंगहोम संचालक का हाथ पांव फूल गया। बवाल से बचने के लिए बताया कि अशोक की हालत नाजुक हो गई है और इसको इलाज के लिए शहर ले जाना पड़ेगा।

डाक्टराें ने शव को निजी एंबुलेंस से आनन फानन में परिजनों के साथ शहर भेज दिया। परिजन जब शहर के एक नर्सिंगहोम पहुंचे तो डाक्टरों ने बताया कि वह मर चुका है। शव को लेकर परिजन देर रात घर पहुंचे और सुबह दोनइया चौराहे पर जाम लगा दिया। जाम लगाने से बहरिया और मऊआइमा रोड का आवागमन बाधित हो गया। जाम की सूचना पर थानाध्यक्ष बहरिया बीरेंद्र यादव पुलिस बल के साथ पहुंचे और लोगों से सड़क से हटने को कहा। लेकिन ग्रामीण मौके पर डीएम, एसएसपी और सीएमओ को बुलाने की मांग करने लगे। करीब दो घंटे बाद मौके पर एसडीएम फूलपुर राजकुमार द्विवेदी, एसपी गंगापार दिगंबर कुशवाहा, क्षेत्राधिकारी फूलपुर एमपी सलोनिया पहुंचे और ग्रामीणों को समझा बुझा कर किसी तरह से लोगों को सड़क से हटाया।
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इकलौते बेटे की मौत से रामश्रृंगार का बुरा हाल था। वह दहाड़ मार कर रो रहा था। अशोक कुमार ही किसी तरह से खेती बाड़ी करके पूरे परिवार का पालन पोषण कर रहा था। अशोक  की मौत से पूरा परिवार बेसहारा हो गया। अशोक पत्नी कुसुम रोते-रोते बेहोश हो गई। अशोक के एक बेटा आर्यन (5) और बेटी आराधना (2) है। रामश्रृंगार ने बताया कि वह अपने बेटे का आपरेशन शहर में करना चाहता था लेकिन कुछ लोगों के बहकावे में आकर उसने अपने बेटे को दोनइया के नर्सिंगहोम में भर्ती करा दिया।
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