दलित छात्र दिलीप की बेरहमी से हत्या किए जाने के विरोध में सोमवार को शहर उबल पड़ा। छात्रों का हुजूम सड़कों पर उतर आया। इस दौरान छात्रों ने प्रदर्शन के साथ हंगामा किया। सवारियों से भरी एक सिटी बस पर पथराव कर तोड़फोड़ की और बाद में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। हालांकि सभी 26 यात्री पहले ही सुरक्षित उतर गए थे। प्रदर्शनकारियों ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय गेट के अलावा कर्नलगंज में भी तोड़फोड़ और आगजनी की कोशिश की। बवाल बढ़ता देख एसएसपी कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और हालात काबू में किया। बस जलाने के आरोप में 20-25 अज्ञात छात्रों के खिलाफ जार्ज टाउन थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। दिलीप हत्याकांड में पुलिस ने अबतक तीन को गिरफ्तार किया है, मुख्य आरोपी टीटीई विजय शंकर सिंह अब भी फरार है।
एसएसपी दफ्तर से महज दो सौ मीटर दूर एक रेस्टोरेंट में शुक्रवार की रात इलाहाबाद डिग्री कालेज के एलएलबी के छात्र दिलीप को मामूली बात पर एक गुट ने बेरहमी से पीट दिया था। रविवार को उसकी मौत हो गई। सभी आरोपियों को पुलिस ने ट्रेस तो कर लिया था लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। इससे बवाल की आशंका जताई जा रही थी। सोमवार की सुबह वही हुआ। अलग-अलग छात्र संगठनों के आह्वान पर छात्रों का हुजूम सड़कों पर उतरा। बैंक रोड पर आवासीय कॉलोनी के पास सिटी बस को छात्रों ने रोक लिया। हॉकी और पत्थर मारकर बस के शीशे तोड़े जाने लगे। इस दौरान बस में सवार यात्री सामान लेकर उतर कर भागने लगे। परिचालक राजकुमार ने बताया कि प्रदर्शनकारी डिब्बे में पेट्रोल लिए हुए थे। बस के शीशे तोड़ने के बाद पेट्रोल छिड़क कर उन्होंने आग लगा दी। इसके बाद कचहरी की तरफ भाग गए। कर्नलगंज में भी नाराज छात्रों ने एक बस रोककर आग लगाने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने लाठी फटकार कर उन्हें खदेड़ दिया।
दिलीप कुमार सरोज के हत्यारों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून ( रासुका) के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी सुहास एलवाई और एसएसपी आकाश कुलहरि ने सोमवार को जान गंवाने वाले छात्र के परिजनों को भरोसा दिलाया कि हत्यारे जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे। डीएम ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यजनक करार दिया और बर्बरतापूर्वक किए गए हमले की निंदा की। डीएम ने दिलीप के कातिलों पर एनएसए लगाने का निर्देश दिया। कहा कि अपराधी किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे।