बसपा नेता राजेश यादव हत्याकांड में एसएसपी आकाश कुलहरि ने गंभीर गड़बड़ी का खुलासा करते हुए थाना प्रभारी कर्नलगंज को चेतावनी जारी कर जवाब तलब किया है। एसएसपी ने पूछा है कि एक महीने से ज्यादा समय होने के बावजूद राजेश यादव और मकुुल सिंह दोनों की पिस्टल तथा कारतूस के खोल परीक्षण के लिए एक्सपर्ट के पास क्यों नहीं भेजे गए। उन्होंने दोनों की पिस्टल और कारतूस का खोल शनिवार को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजने के निर्देश थाना प्रभारी को दिया है। जिससे कि पता चल सके कि गोली किसकी पिस्टल से चली है।
एसएसपी ने देर रात थाना कर्नलगंज के एसओ और सीओ के साथ बसपा नेता राजेश यादव की विस्तार से जानकारी ली। उसी दौरान पता चला कि जानबूझकर विवेचना अधिकारी ने कमियां छोड़ी हैं। जिन छात्रों पर राजेश यादव की हत्या का आरोप लगाया है, उनके डा. मुकुल से कभी रिश्ते या संबंध तो नहीं रहे हैं, इसकी जांच कई माध्यमों से कराई जाएगी। इन छात्रों के मोबाइल नंबर का डा. मुुकुल सिंह और उनकी पत्नी, भाई और उनके नजदीकी मिलने वालों के मोबाइल नंबर से मिलान होगा।इसके लिए पिछले एक महीने के दौरान डाक्टर मुकुल सिंह और उनके संबंधियों के मोबाइल की काल डिटेल तलाशी जा रही है।