यमुनापार के मेजा में बृहस्पतिवार को घर से निकले ओझा सुंदरलाल कोल की गला घोंटकर हत्या के बाद कातिलों ने शव बोरे में भरकर नहर किनारे फेंक दिया। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने बोरे को खोला तो शव दिखने पर मेजा थाने में सूचना दी। पुलिस पहुंची और परिवार के लोग भी आ गए। पुलिस ने छानबीन शुरू की। शक है कि झाड़फूंक के ही चक्कर में किसी नाराज परिवार के लोगों ने घर के भीतर हत्या के बाद शव को बोरे में भरकर फेंक दिया।
मेजा में तेंदुआ ग्राम सभा के सुरैंचा में रहने वाला सुंदरलाल कोल (42) झाड़फूंक और ओझाई करता था। इसके सहारे ही वह पत्नी प्रभावती, बेटे लवकुश, बेटी ज्योति के साथ गुजारा करता था। बृहस्पतिवार को भी सुंदरलाल सुबह करीब 10 बजे घर से निकल गया। फिर वह रात तक नहीं लौटा तो पत्नी प्रभावती ने फोन किया, मगर मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा था। कई रिश्तेदारों से भी फोन पर पूछा, लेकिन सुंदरलाल के बारे में कुछ पता नहीं चल सका। शुक्रवार सुबह पड़ोसी गांव हरगढ़ से गुजर रहे लोगों ने नहर किनारे बोरा देखा, जिसमें कुछ भरा था। शव भरा होने की आशंका के चलते वहां भीड़ जमा हो गई। लोगों ने बोरे को सड़क पर खींचकर खोला तो उसमें किसी व्यक्ति का शव था। भीड़ में लोगों ने पहचान लिया कि मारा गया व्यक्ति सुंदरलाल कोल है जो बृहस्पतिवार सुबह से लापता है।
खबर पाकर मेजा थाना प्रभारी शिवसागर पांडेय भी पहुंच गए। पुलिस ने शव का निरीक्षण किया तो गले में गमछा लिपटा मिला। गमछा से ही गला घोंटकर सुंदरलाल का कत्ल किया गया था। मगर उसका मोबाइल फोन गायब था। कुछ देर में परिजन और रिश्तेदार भी वहां पहुंच गए लेकिन पुलिस ने शव को हटा दिया था। इस पर लोगों ने आक्रोश भी जताया। सुंदरलाल दो भाइयों में छोटा था। परिजन किसी दुश्मनी के बारे में नहीं बता सके हैं। ऐसे में पुलिस जांच कर रही है कि झाड़फूंक के ही चक्कर में किसी परिवार ने खुन्नस न मान ली हो। गांव वालों से पुलिस ने बात की लेकिन कुछ जानकारी नहीं मिली। अब मोबाइल कॉल डिटेल ली जा रही है।