फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब सर्विलांस के जरिए राजफाश की कोशिश

Mon, 14 Sep 2015 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
इलाहाबाद। जीवन ज्योति हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. एके बंसल की गाड़ी पर गोली-बम से हमले की घटना में दस रोज बाद भी पुलिस कुछ जानकारी नहीं जुटा सकी है। हालांकि यह तो पुष्टि हो चुकी है कि गाड़ी पर फायरिंग की गई थी मगर ऐसा किया किसने यह अब भी राज बना है। ऐसे में अब पुलिस ने हमलावरों के बारे में सुराग जुटाने की खातिर मोबाइल सर्विलांस के साथ ही कॉल डिटेल की छानबीन का सहारा लिया है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्ष के तमाम मोबाइल नंबर की सर्विलांस के साथ ही कॉल डिटेल भी हासिल की जा रही है ताकि जांच में कुछ सुबूत जुटाए जा सकें।
विज्ञापन


डॉ. एके बंसल पर पांच सितंबर शुक्रवार की रात तब हमला हुआ था जब वह जीवन ज्योति हॉस्पिटल से जार्जटाउन में केपी इंटर कॉलेज के सामने अमरनाथ झा मार्ग स्थित अपने निवास जा रहे थे। फायरिंग और बम हमले में उनकी इनोवा गाड़ी के कांच चूर हो गए मगर डॉक्टर साफ बच गए। उस घटना में डॉ. बंसल ने बिल्डर संजीव अग्रवाल समेत चार लोगों के खिलाफ केस लिखाया है लेकिन जांच में पुलिस को अब तक बिल्डर समेत बाकी आरोपियों के खिलाफ ऐसे सुबूत ही नहीं मिले कि उनकी गिरफ्तारी की जा सके। पुलिस को उम्मीद थी कि डॉ. बंसल के निवास और आसपास के किसी मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से हमलावरों के बारे में कुछ सुराग मिलेगा लेकिन ऐसा भी नहीं हुआ।

ऐसे में पुलिस को अब दूसरा तरीका अख्तियार करना पड़ा है। थानाध्यक्ष जार्जटाऊन दीपक पांडेय ने बताया कि हमला कराने के लिए बदमाशों को सुपारी दी गई होगी। हमला कराने का आरोप बिल्डर संजीव अग्रवाल समेत चार लोगों पर लगाया गया है। और हमला हुआ डॉ.बंसल पर जिन्हें जरा भी चोट नहीं पहुंची। ऐसे में घटना के दोनों पहलुओं पर जांच की जा रही है। हमलावरों तक पहुंचने के लिए कई मोबाइल फोन सर्विलांस पर लगाए जा रहे हैं। कुछ मोबाइल फोन की कॉल डिटेल भी जुटाने का फैसला किया गया है। इन मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल की बारीक जांच से कुछ जानकारी मिलने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें