सीबीआई की फोरेंसिक टीम लगातार चौथे दिन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) में भर्ती परीक्षाओं के रिकार्ड खंगालती रही। इस बीच सीबीआई को कुछ दलालों के नाम मिले हैं, जो आयोग के कुछ प्रतिनिधियों के काफी करीबी हैं। सीबीआई को जिनके नाम मिले हैं, उनमें शहर के एक बड़े डॉक्टर एवं एक कोचिंग संचालक का नाम शामिल है जबकि तीसरा व्यक्ति आयोग का ही कर्मचारी शामिल है। सीबीआई इनके खिलाफ सुबूत इकट्ठा कर रही है। किसी भी दिन इनसे पूछताछ की जा सकती है।
रविवार को साप्ताहिक अवकाश के बावजूद आयोग के तमाम अनुभाग खुले रहे। कंप्यूटर सेक्शन और गोपनीय विभाग में कर्मचारियों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई थी। वहां आधी रात तक सीबीआई की टीम डटी रही। एक तरफ आयोग में फोरेंसिक जांच चल रही है तो दूसरी ओर सीबीआई उन दलालों को तलाशने में जुटी है, जो आयोग में बड़ा रैकेट चला रहे थे। सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में ही सीबीआई को तीन दलालों के नाम मिल चुके हैं। इनमें एक शख्स आयोग का ही कर्मचारी है, जो सलोरी-बघाड़ा डेलीगेसी में रहता है।
इसके अलावा शहर के बड़े डॉक्टर और एक कोचिंग संचालन का नाम भी सीबीआई को मिला है। कोचिंग संचालक के यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। सीबीआई को शिकायत मिली है कि इंटरव्यू में नंबर बढ़वाने में इस कोचिंग संचालक का बड़ा हाथ होता था। शिकायत के आधार पर सीबीआई अब इनके खिलाफ सुबूत इकट्ठा करने में जुट गई है। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही सीबीआई को कई दूसरे दलालों के नाम भी मिल सकते हैं।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सीबीआई जांच को लेकर पांच फरवरी को सुनवाई होनी है। इसमें सीबीआई को अपना पक्ष रखना है। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली से संबंधित कई सुबूत इकट्ठा कर चुकी है ताकि वह मजबूती से अपना पक्ष रख सके।