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नगर निगम में नौकरी दिलाने के नाम फिर ठगी

Fri, 15 Jul 2016 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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धोखाधड़ी - फोटो : file
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नगर निगम में नौकरी दिलाने के नाम पर एक बार ठगी का मामला सामने आया है। इस बार जॉब वर्ल्ड जॉब कंसलटेंसी नाम की कंपनी ने करछना के एक युवक को नगर निगम में सुपरवाइजर की नौकरी दिलाने के नाम 1.70 लाख रुपये ठग लिए। युवक को बकायदा नियुक्ति पत्र जारी किया गया, जिसमें एक से पांच अगस्त के बीच नगर निगम में ज्वाइनिंग का जिक्र है। बृहस्पतिवार को युवक नियुक्ति पत्र लेकर नगर निगम पहुंचा। फर्जी नियुक्ति का पता चलने पर उसने महापौर से शिकायत की। महापौर ने नगर आयुक्त को इस मामले में जांच कराने और सख्ती कार्रवाई का आदेश दिया। करीब पांच माह पहले भी इसी तरह लखनऊ नगर निगम के नगर आयुक्त के फर्जी हस्ताक्षर से इलाहाबाद निगम में एक कर्मचारी की नियुक्ति का पत्र जारी हुआ था। इस मामले में निगम प्रशासन ने जांच बैठाई लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।
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करछना के बबुरा निवासी आशीष कुमार केसरवानी को नगर निगम में सुपरवाइजर पद पर नौकरी दिलाने के लिए कंसलटेंसी कंपनी की ओर से नियुक्ति पत्र जारी किया गया। रिफरेंस नंबर आईएनएनए/टीसी/027/25 से जारी नियुक्ति पत्र में बकायदा गर्वमेंट ऑफ उत्तर प्रदेश का लोगो लगा है। इसमें नियुक्ति के एक वर्ष बाद परमानेंट करने का जिक्र है। अन्य शर्तों के साथ वेतन 10 हजार रुपये प्रति माह, कन्वेंस एनाउंस 1550 रुपये, अन्य एनाउंस 750 रुपये तथा लीव ट्रेवेस एनाउंस का भी जिक्र है। इसमें किसी का हस्ताक्षर भी नहीं है। आशीष को करेलाबाग स्थित हरीभरी का वर्कशॉप दिखाकर कहा गया था कि यहीं सुपरवाइजर का काम करना है।

नियुक्ति पत्र मिलने के बाद बृहस्पतिवार को आशीष इसे लेकर नगर निगम पहुंचा। उसने कुछ कर्मियों को नियुक्ति पत्र दिखाया। फर्जीवाड़े का पता चलने के बाद आशीष महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी के पास पहुंचा लिखित शिकायत की। आशीष ने बताया कि कंसलटेंसी कंपनी का ऑफिस सरदार पटेल मार्ग पर एचडीएफसी बैंक के बगल स्थित एक अपार्टमेंट में है। आशीष ने बताया कि वहां पल्लवी अत्री नाम की महिला बैठती है। महापौर के निजी कर्मी अनूप अग्रवाल आशीष को लेकर दोपहर में कंपनी के कार्यालय पहुंचे। अनूप ने ऑफिस में बैठी महिला से नियुक्ति के संबंध में जानकारी मांगी, लेकिन महिला संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। महापौर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त से तत्काल इसकी जांच कराने और प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं से निगम की छवि खराब हो रही है।
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