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दुबई में नौकरी दिलाने के नाम पर तीन युवकों से 4.5 लाख ठगे

Fri, 15 Jul 2016 01:31 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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विदेश भेजकर नौकरी दिलाने के नाम धोखाधड़ी करने का धंधा बरेली में भी जोर पकड़ रहा है। दुबई की चाकलेट फैक्ट्री में नौकरी दिलाने के नाम पर तीन युवकों से 4.5 लाख रुपये ठग लिए गए। तीनों युवक पास पोर्ट और वीजा बनवाकर जब फ्लाइट से दुबई पहुंच गए तो उनको अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला। 25 दिन तक दुबई में इधर उधर भटकने के बाद किसी तरह तीनों वापस दिल्ली पहुंचे। पीड़ित युवकों के मित्र ने डीआईजी को घटना से अवगत कराया तो उन्होंने मामले में जांच के आदेश दिए।
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शहर के मोहल्ला एजाज नगर गौंटिया निवासी मोहम्मद अरशद ने बताया कि उनके परिचित ने रहपुरा चौधरी थाना इज्जतनगर निवासी शान अली के बारे में बताया कि वह दुबई भेजकर नौकरी दिलाने का काम करता है। अगर वह चाहते तो दुबई में 22 हजार 200 रुपये की नौकरी मिल जाएगी। पीड़ित के मुताबिक मोहल्ले के उनके मित्र जमन, मोबीन और आसिफ ने शान को घर बुलवाकर दुबई जाने की बात कराई तो उसने भरोसा दिलाया कि दुबई की चाकलेट फैक्ट्री में तय वेतन पर नौकरी वहां पहुंचते ही मिल जाएगी। 25 मई 2016 को तीन लोगों को दुबई भेजने के लिए 2.25 लाख रुपये दे दिए गए। 11 जून को जब तीनों दिल्ली पहुंचे तो वहां मोबीन के छोटे भाई मोहम्मद आमिर और जमन के छोटे भाई अजहर और आसिफ खुद दुबई जाने की बात कहने लगे। तीनों की फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट से थी। शान अली ने तीनों के सवा दो लाख रुपये और मांगे तो उससे कहा गया कि ये तीनों दुबई पहुंच जाएंगे तो बाकी का भुगतान हो जाएगा। आरोप है कि शान अली ने चार घंटे पहले आकर कहा कि दुबई की फ्लाइट कैंसिल हो गई। 
15 जून को दुबई का दोबारा टिकट कराया तो शान ने बाकी पैसा न देने पर उनको कैंसिल करा दिया। 17 जून को सवा दो लाख देने के बाद शान अली ने आमिर, अजहर और आसिफ को दुबई के लिए रवाना कर दिया। पीड़ित के मुताबिक शान अली ने कहा कि अगर कोई और दुबई जाने का खर्चा पूछे तो उसको 1.15 लाख ही बताना। उधर, तीनों युवक जब दुबई पहुंचे तो उनका फोन आया कि उनके साथ धोखा हुआ है। न वहां कोई चाकलेट फैक्ट्री है और न नौकरी। तीनों का जो वीजा बनवाया गया था, वह भी टूरिस्ट वीजा था। दो युवकों ने कुछ दिन वहां होटल रहकर नौकरी की। जब इस बारे में शान और उसके भाई शाहिद और इशान से धोखाधड़ी की बात की गई तो तीनों ने फोन पर उनसे अभद्रता की कहा कि कभी फोन मत करना। तीनों युवक किसी तरह 12 जुलाई को दिल्ली अपने रिश्तेदार के घर पहुंचे। डीआईजी ने पूरे मामले का संज्ञान लेकर जांच के आदेश दिए हैं।     
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