अतीक गिरोह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एसटीएफ ने अतीक गिरोह से जुड़े लोगों की लगभग 100 करोड़ मूल्य की और संपत्तियां चिन्हित कर ली हैं। रिपोर्ट तैयार है। जल्द ही शासन को भेज दी जाएगी। इसके बाद अलीना और अहमद सिटी की तरह फिर बड़ी कार्रवाई होगी। गिरोह से सीधे जुड़े लोगों के अलावा इस बार अप्रत्यक्ष रूप से फायदा उठाने वालों पर भी एसटीएफ ने शिकंजा कसा है। उनकी भी सूची तैयार की जा रही है।
अतीक गिरोह ने करेली के अलावा धूमनगंज और कौशांबी के पिपरी इलाके में भी बड़ी संख्या में अवैध प्लाटिंग की है। अब तक की रिपोर्ट के आधार पर अलीना सिटी, अमहद सिटी, बख्शी मोढ़ा, वीरमपुर, सैदपुर खास और ऐनुद्दीनपुर आदि इलाकों में कार्रवाई की गई और सैकड़ों अर्द्धनिर्मित मकानों के अलावा दर्जनों मकान और दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। एडीए ने करेली थाने में सात एफआईआर दर्ज भी दर्ज की थी। अब एसटीएफ ने इस कार्रवाई से इतर लगभग 100 करोड़ की और संपत्तियों की चिन्हित किया गया है। जांच कर रहे अधिकारियों को पता चला है कि अतीक गिरोह के लोगों ने सिर्फ अपने रिश्तेदारों, पड़ोसियों, दोस्तों के नाम का प्रयोग किया है बल्कि बड़ी संख्या में ऐसे लोगों के नाम से जमीनें ली हैं, जिनका अतीक या अतीक गिरोह से सीधे कोई नाता रिश्ता नहीं है। ऐसे लोग जमीन बेचने के बाद उसका फायदा गिरोह तक पहुंचा देते थे। करेली के अलावा सिविल लाइंस, धूमनगंज और कैंट थानों में भी तमाम संपत्तियों के बारे में जानकारी मिली है। एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि एसटीएफ की दूसरी रिपोर्ट लगभग तैयार है। इसे जल्द ही शासन को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद उन संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एडीए ने अवैध प्लाटिंग के मामले में करेली में सात अलग अलग एफआईआर दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर करेली अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि जिनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है, सबको नोटिस जारी कर कागजात मांगे जा रहे हैं। एडीए के अधिकारियों से भी कागजात मांगे गए हैं। दाखिल खारिज और रजिस्ट्री समेत तमाम दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई होगी।