रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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पूर्व ब्लाक प्रमुख मोहम्मद शमी हत्याकांड में दस रोज बाद भी कातिलों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इस बीच फरार दो मुख्य आरोपियों जाबिर और निसार की गिरफ्तारी पर पांच-पांच हजार रुपये का पुरस्कार घोषित कर दिया गया है। उनके खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट भी जारी हो गया है। इन दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीम को बाहर भेजा गया है।
पूर्व ब्लाक प्रमुख मोहम्मद शमी का कत्ल पिछले रविवार को सुल्तानपुर खास में उनके घर के सामने हुआ था। गोलियां मारकर दो अपराधी भाग गए थे। हत्याकांड में मौजूदा ब्लाक प्रमुख सुधीर मौर्या, विहिप नेता अभिषेक यादव और दुबाही गांव के जाबिर को नामजद किया गया। जांच में यह साफ हो गया कि यह वारदात जाबिर ने अपने जीजा निसार के साथ की है। घटना के बाद वे दोनों प्रतापगढ़ भाग गए थे। उन्हें प्रतापगढ़ पहुंचाने तथा नासिरपुर गांव में शरण देने वाले दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया मगर जाबिर और निसार अब तक नहीं मिले हैं।
इस बीच मऊआइमा थाना प्रभारी ब्रजेश बघेल को निलंबित तथा दो सिपाहियों को लानिहाजिर कर दिया गया। कातिलों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज परिजन रोज ही विरोध जता रहे हैं। बुधवार को सीओ सोरांव आलोक मिश्रा ने बताया कि एसएसपी ने जाबिर और निसार की गिरफ्तारी पर पांच-पांच हजार रुपये का पुरस्कार घोषित कर दिया है। उनके खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी मिल गया है। गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीम को बाहर भेजा गया है। कोशिश की जा रही है कि अगले दो-तीन दिन के भीतर उन दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाए।