रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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मेजा के सोनाई गांव में दो दिन पहले अपहृत मासूम की हत्या कर दी गई। शनिवार सुबह उसका घर के पास ही एक ताल में उसका शव उतराते मिला तो हड़कंप मच गया। उसके पैर उसी के पैंट से बंधे हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया गया है। पुलिस इसे हादसा मान रही है जबकि घर वालों का आरोप है कि उसकी हत्या की गई है।
सोनाई गांव के रहने वाले दरोगा पटेल किसान हैं। गुरुवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे उनका बेटा अनुराग (10) घर से निकला तो लौटा नहीं। दो घंटे तक जब वह नहीं दिखा तो घर वाले ढूंढने लगे। कहीं से कोई सुराग नहीं मिला। दिन में दोस्तों रिश्तेदारों के घर ढूंढने के बाद दरोगा ने शुक्रवार को मेजा थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करा दी। सिपाहियों ने जाकर गांव में तहकीकात की लेकिन कुछ पता नहीं चला। शनिवार की सुबह कुछ ग्रामीणों ने देखा कि घर से तकरीबन 100 मीटर दूर ताल में अनुराग का शव उतरा रहा था। दरोगा को पता चला तो भागते हुए वह पहुंचा। शव बाहर निकाला गया। गांव वालों का कहना है कि अनुराग के पैर उसके ही पैंट से बंधे हुए थे। परिवार में कोहराम मच गया। बेटे का शव देखकर मां रेखा देवी बेहोश हो गईं।
सूचना पर मेजा और खीरी थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। गांव में काफी भीड़ लग गई थी। एसओ संदीप तिवारी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पिता दरोगा पटेल का आरोप था कि उनके बेटे की हत्या कर शव फेंक दिया गया है। एसओ संदीप तिवारी का कहना था कि प्रथम दृष्टया में मामला हादसा लग रहा है लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद घर वाले जैसे चाहेंगे, एफआईआर दर्ज कर ली जाएगी। हालांकि उन्होंने शव को देखा है, कहीं कोई चोट के निशान नहीं हैं। जहां उसकी बाडी मिली है, उस स्थान पर बड़ा गड्ढा है।
10 साल के अनुराग का शव देखकर मां रेखा देवी लिपट कर होने लगी। उसकी चीखें सुनकर गांव वाले भी रो रहे थे। पिता दरोगा के भी आंसू नहीं रुक रहे थे। वह बस एक ही रट लगाए थे कि उनके बेटे को मार डाला गया। अनुराग तीन भाई बहनों में दूसरे नंबर पर था। बड़ी बहन रोली 13 साल की है, छोटा सनी सात साल का है। अनुराग समर्पण एकेडमी भरोरी में कक्षा तीन का छात्र था। गुरुवार को वह स्कूल नहीं गया था। जब वह घर से निकला तो परिवार वालों ने यही सोचा कि आस पास कहीं खेल रहा है।
मासूमों पर इन दिनों आफत आई हुई है। अभी उतरांव के जलालपुर गांव में रिश्ते की चाची द्वारा तीन साल के मासूम की हत्या का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि मेजा में भी घटना हो गई। हालांकि पुलिस ने जलालपुर वाली घटना का खुलासा करते हुए कातिल चाची और उसके सहयोगियों को जेल भेज दिया लेकिन मेजा में अनुराग के हत्यारों का अभी कुछ पता नहीं चला है।